आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के कुल्टी बोरो क्षेत्र में मंगलवार को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े वाल्व ऑपरेटरों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। लंबे समय से वेतन भुगतान में हो रही देरी और अनियमितता से परेशान वाल्व ऑपरेटरों ने संबंधित अभियंता का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे।

वाल्व ऑपरेटरों का आरोप है कि वे नगर निगम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। सुबह-शाम जलापूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए उन्हें हर मौसम और परिस्थिति में काम करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। कई कर्मचारियों का कहना है कि महीनों का वेतन बकाया है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान वाल्व ऑपरेटरों ने बताया कि वे कई बार बोरो कार्यालय और निगम के अधिकारियों के पास अपनी समस्या लेकर जा चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन भुगतान की ठोस व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। कर्मचारियों के अनुसार, वेतन में देरी के कारण बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली-पानी के बिल और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कर्ज लेकर परिवार चलाने की नौबत आ गई है।
घेराव के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बकाया वेतन के तत्काल भुगतान की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि यदि वेतन व्यवस्था समय पर नहीं सुधारी गई, तो वे न केवल कामकाज ठप करेंगे, बल्कि बड़े स्तर पर आंदोलन भी करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

वाल्व ऑपरेटरों ने यह भी सवाल उठाया कि जब वे नगर निगम की बुनियादी सेवा—पेयजल आपूर्ति—से सीधे जुड़े हुए हैं, तो उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि केवल बकाया भुगतान ही नहीं, बल्कि भविष्य में नियमित और तय समय पर वेतन देने की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि कर्मचारियों को बार-बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अभियंता और निगम अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और भुगतान संबंधी प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि वाल्व ऑपरेटरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह कर्मचारियों की जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकाले, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था और श्रमिकों का जीवन दोनों सुचारु रह सकें।















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