आसनसोल : गुरुवार को आसनसोल के ओल्ड स्टेशन हाईस्कूल परिसर स्थित हियरिंग सेंटर उस समय अचानक सियासी अखाड़े में बदल गया, जब तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि सुनवाई के दौरान भाजपा से जुड़े असामाजिक तत्वों ने योजनाबद्ध तरीके से उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में कई तृणमूल समर्थकों के घायल होने की बात कही जा रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और कुछ देर के लिए पूरी प्रक्रिया ठप हो गई। तृणमूल का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने एक वाहन में तोड़फोड़ कर माहौल को और उग्र बना दिया।
घटना की खबर फैलते ही हियरिंग सेंटर के आसपास अफरा-तफरी मच गई। घायल कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने हमले के विरोध में आसनसोल के भंगापांचिल इलाके में जीटी रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
जीटी रोड जाम होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय कर्मियों और एंबुलेंस तक को परेशानी का सामना करना पड़ा। आम नागरिकों में इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई कि राजनीतिक टकराव का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
सूचना मिलते ही आसनसोल दक्षिण थाना की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। काफी देर तक चले संवाद और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम हटाया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि हियरिंग सेंटर में हुई झड़प के लिए तृणमूल खुद जिम्मेदार है। उनके अनुसार, यह पूरी घटना एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, ताकि भाजपा को बदनाम किया जा सके। भाजपा का दावा है कि उनके किसी भी कार्यकर्ता ने हिंसा नहीं की और तृणमूल बिना सबूत आरोप लगा रही है।
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म-7 और सुनवाई प्रक्रिया को लेकर पहले से ही सियासी माहौल गर्म है। इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है। यदि प्रशासन ने समय रहते संतुलित और निष्पक्ष कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आसनसोल समेत औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। फिलहाल शहर की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।















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