आसनसोल : शुक्रवार को शिल्पांचल के सालानपुर कोयला क्षेत्र में अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। आसनसोल–चित्तरंजन मुख्य मार्ग पर डेंदुआ बूस्टिंग स्टेशन के समीप चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कोयले से लदे एक ट्रक को पकड़कर करीब 32 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इस कार्रवाई से कोयला तस्करी से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक: सीआईएसएफ सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर आसनसोल–चित्तरंजन मार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान एक ट्रक को जांच के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रक में भारी मात्रा में कोयला लदा पाया गया। जब चालक से कोयले से संबंधित वैध कागजात मांगे गए, तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।जांच के बीच ही मौका पाकर ट्रक चालक वहां से फरार हो गया। हालांकि, सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक और कोयले को अपने कब्जे में ले लिया।
संयुक्त अभियान का नतीजा : शुक्रवार को की गई इस कार्रवाई में केवल सीआईएसएफ ही नहीं, बल्कि एमएनपी, बीएनआर कैंप, एसटीपी क्विक रिस्पांस टीम और ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की सुरक्षा इकाइयों ने भी संयुक्त रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान लंबे समय से मिल रही सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया था।संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कोयला ढुलाई पर प्रभावी अंकुश लगाना और राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
सालानपुर थाना को सौंपा गया मामला : जब्त किए गए ट्रक और कोयले को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सालानपुर थाना को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की पहचान और उसके पीछे काम कर रहे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने के लिए अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।पुलिस का कहना है कि ट्रक के मालिक और कोयला आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
कोयला तस्करी पर लगातार नजर : अधिकारियों ने बताया कि सालानपुर और आसपास के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी अभियान चला रही हैं।शुक्रवार की यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य तस्करों के हौसले पस्त करना है।

राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा का संदेश : सीआईएसएफ और ईसीएल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोयला देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी चोरी या अवैध ढुलाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में इस तरह के संयुक्त अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि कोयला तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
क्षेत्र में चर्चा का विषय : शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के बाद सालानपुर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित और सख्त कार्रवाई होती रही, तो अवैध कोयला कारोबार पर काफी हद तक रोक लग सकती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान : अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में भी सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाती रहेंगी। कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस, सीआईएसएफ और ईसीएल के बीच समन्वय और मजबूत किया जाएगा।शुक्रवार की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी बरामदगी है, बल्कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी भी मानी जा रही है कि कानून की पकड़ से बचना अब आसान नहीं होगा।















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