दुर्गापुर : रविवार को दुर्गापुर स्टील सिटी के टाउनशिप क्षेत्र में कथित ईव-टीजिंग की घटना ने अचानक तूल पकड़ लिया और देखते ही देखते मामला राजनीतिक तनाव में बदल गया। महिला से छेड़खानी के आरोप के बाद उत्पन्न स्थिति ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को आमने-सामने ला खड़ा किया। दिनभर इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, टाउनशिप क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे और आरोपित युवक को पकड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि वह युवक भाजपा के एक युवा नेता के आवास में शरण लेने चला गया। इसी बीच, भीड़ ने उस घर में प्रवेश कर आरोपित के साथ मारपीट कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा विधायक लक्ष्मण घोड़ुई, युवा नेता परिजात गांगुली और जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर बनर्जी अपने समर्थकों के साथ बी-ज़ोन पुलिस चौकी पहुंचे। उनका कहना था कि पार्टी कार्यकर्ता को बिना किसी ठोस शिकायत के निशाना बनाया गया है और कानून को हाथ में लेकर हिंसा की गई। वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेता राजीव घोष और बंटी सिंह भी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पुलिस चौकी के बाहर पहुंच गए। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पुलिस चौकी के बाहर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल असंतुलित होने लगा। हालात को बिगड़ता देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और तृणमूल समर्थकों को वहां से हटाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया। सुरक्षा की दृष्टि से इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
भाजपा युवा नेता परिजात गांगुली ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि वास्तव में छेड़खानी की घटना हुई थी, तो अब तक पीड़िता द्वारा लिखित शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने दावा किया कि आरोपित युवक भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता है और राजनीतिक दुर्भावना के तहत उनके घर में घुसकर उनके परिवार के साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं, तृणमूल नेताओं का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रविवार देर शाम तक बी-ज़ोन और आसपास के इलाकों में तनाव बना रहा, हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।















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