नियामतपुर में गीता वितरण, गांव-गांव गूंजा हरिनाम संकीर्तन

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आसनसोल :  रविवार को आसनसोल के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 60 के नियामतपुर ग्राम में आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रसार को लेकर एक भव्य श्रीमद्भागवत गीता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन आसनसोल नगर निगम में विरोधी दल की नेता एवं भाजपा नेत्री चैताली तिवारी की पहल पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए।

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रविवार दोपहर करीब एक बजे कार्यक्रम की शुरुआत हरिनाम संकीर्तन, खोल-करताल और भजन-कीर्तन के साथ हुई। धार्मिक उल्लास के बीच नियामतपुर टोहोरम इलाके से वितरण यात्रा प्रारंभ हुई, जो लिथुरिया रोड होते हुए पूरे गांव में घूमी। इस दौरान कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की। पूरे मार्ग पर “हरे कृष्ण, हरे राम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में भाजपा नेता अभिजीत आचार्य, अमित गोराई सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विशेष रूप से गांव की महिलाओं, बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक गीता प्रदान की गई। आयोजकों ने बताया कि गीता वितरण का उद्देश्य केवल धार्मिक ग्रंथ देना नहीं, बल्कि समाज में नैतिकता, संस्कार और सकारात्मक सोच का विस्तार करना है।

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इस अवसर पर चैताली तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता मानव जीवन का दर्शन है, जो कर्म, कर्तव्य और सत्य का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज कई तरह की चुनौतियों से गुजर रहा है, तब गीता के संदेश युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी गीता वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

IMG 20250511 WA0050चैताली तिवारी ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें भारतीय समाज में बहुत गहरी हैं और इन्हें मजबूत करने के लिए ऐसे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों की आवश्यकता है। गीता के उपदेश व्यक्ति को आत्मविश्वास, संयम और सेवा की भावना से जोड़ते हैं, जो एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक होते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यक्रम की मुक्तकंठ से सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजनों से गांव में आपसी सौहार्द बढ़ता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। कई बुजुर्गों ने कहा कि घर-घर गीता वितरण से गांव में लंबे समय बाद ऐसा धार्मिक और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला है।

पूरे आयोजन के दौरान नियामतपुर गांव भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा। हरिनाम संकीर्तन की गूंज और गीता के संदेश ने ग्रामीण जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने समाज में संस्कार, संस्कृति और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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