आसनसोल : शुक्रवार की सुबह आसनसोल नगर निगम परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नगर निगम के अधीन कार्यरत सफाई कर्मियों ने एकजुट होकर कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया। सुबह करीब छह बजे से ही बड़ी संख्या में झाड़ू-सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय परिसर में एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए। अचानक हुए इस आंदोलन से नगर निगम की नियमित गतिविधियां प्रभावित हुईं और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई।

प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भविष्य निधि (पीएफ) की राशि महीनों से उनके खातों में जमा नहीं की गई है, जबकि वेतन से नियमित कटौती की जा रही है। इससे उनके भविष्य को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है और आर्थिक संकट भी बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार को धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को खुलकर सामने रखा। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला वेतन महंगाई के इस दौर में नाकाफी है, इसलिए मासिक वेतन कम से कम 15,000 रुपये किया जाए। इसके साथ ही स्थायी पहचान पत्र, ईएसआई के तहत बेहतर चिकित्सा सुविधा, कार्यस्थल पर सुरक्षा के उपकरण और अन्य बुनियादी अधिकारों की भी मांग की गई।
सफाई कर्मियों का आरोप है कि इससे पहले भी वे कई बार नगर निगम प्रशासन से बातचीत कर चुके हैं और ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन की इसी उदासीनता ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।
धरने के दौरान नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वे शहर की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसके बावजूद उन्हें सम्मान और अधिकार नहीं मिल रहा है।

सफाई कर्मियों के काम बंद करने का सीधा असर शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो विभिन्न इलाकों में कचरा जमा होने लगेगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सफाई कर्मियों की मांगें जायज हैं और नगर निगम को जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
शुक्रवार को खबर लिखे जाने तक सफाई कर्मी नगर निगम परिसर में डटे हुए थे। वहीं नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश कर सकते हैं।
यह आंदोलन एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को संभालने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान आखिर कब किया जाएगा। यदि समय रहते संवाद और निर्णय नहीं हुआ, तो इसका असर न केवल निगम प्रशासन पर, बल्कि पूरे आसनसोल शहर पर पड़ सकता है।















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