आसनसोल : शनिवार को आसनसोल के बीएनआर मोड़ पर उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस की लीगल सेल ने चुनाव आयोग द्वारा लागू की जा रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार विरोध सभा का आयोजन किया। इस प्रदर्शन के जरिए तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर आम जनता के मताधिकार को कमजोर करने का आरोप लगाया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को जिस तरीके से लागू किया जा रहा है, वह पूरी तरह अव्यवस्थित और जनविरोधी है। इसके नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। मतदाता सूची में नाम सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं के दौरान लोगों को बार-बार दस्तावेजों के लिए दौड़ाया जा रहा है, जिससे खासकर गरीब, बुजुर्ग और प्रवासी मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
तृणमूल कांग्रेस लीगल सेल के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया भाजपा के इशारे पर चलाई जा रही है, ताकि चुनाव से पहले मतदाता सूची में हेरफेर कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। वक्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता का अधिकार होता है और यदि उसी अधिकार पर सवाल खड़े किए जाएंगे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होगा।

विरोध सभा में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मलय घटक ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हमेशा आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है और चुनाव आयोग पर भी दबाव बनाकर ऐसे फैसले करवा रही है, जिनसे आम मतदाता परेशान हो रहे हैं।
आसनसोल नगर निगम के डिप्टी मेयर अभिजीत घटक ने अपने संबोधन में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की जरूरत है। यदि किसी प्रक्रिया से जनता को ही परेशानी हो, तो उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी भी कीमत पर आम लोगों के वोट देने के अधिकार से समझौता नहीं होने देगी।

सभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस लीगल सेल के सदस्यों ने चुनाव आयोग से मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल सरल बनाया जाए और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता की आवाज नहीं सुनी गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बीएनआर मोड़ पर आयोजित इस विरोध सभा के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सभा में मौजूद लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर लोकतंत्र बचाने और मताधिकार की रक्षा के नारे लगाए।
तृणमूल नेताओं का कहना है कि यह केवल एक विरोध सभा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी आगे भी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करती रहेगी।















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