आद्रा : रेल बजट 2026–27 के संदर्भ में आज माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा राज्य-वार वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों को रेलवे बजट में किए गए आवंटन तथा वहां चल रही एवं प्रस्तावित रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री महोदय ने विशेष रूप से झारखंड एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में रेलवे के अभूतपूर्व विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार, नेटवर्क विस्तार एवं सुरक्षा आधारित पहलों की विस्तार से जानकारी साझा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निरंतर बढ़ाए गए निवेश, आधुनिकरण एवं यात्री-केंद्रित योजनाओं के परिणामस्वरूप रेलवे देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
झारखंड : बजट आवंटन में 16 गुना वृद्धि के बारे मे माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने बताया कि झारखंड राज्य में रेलवे बजट में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2009–14 के दौरान जहाँ औसत वार्षिक बजट आवंटन ₹457 करोड़ था, वहीं रेल बजट 2026–27 में यह बढ़कर ₹7,536 करोड़ हो गया है, जो लगभग 16 गुना वृद्धि को दर्शाता है।
राज्य में ₹63,470 करोड़ की रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर हैं, जिनमें ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास एवं सुरक्षा कार्य शामिल हैं।
अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत 57 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है, जिन पर ₹2,153 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
इनमें से 8 स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
बेहतर यात्री संपर्क हेतु 12 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस एवं 4 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएँ संचालित की जा रही हैं।
वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,400 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है।
झारखंड में 100% विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिसमें 946 किलोमीटर रेल लाइन शामिल है।
राज्य में 486 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है।
कवच सुरक्षा प्रणाली के अंतर्गत 1,907 आरकेएम स्वीकृत हैं, जिनमें से 917 आरकेएम पर कार्य/टेंडर प्रगति पर है।
पश्चिम बंगाल : निरंतर प्रगति और नेटवर्क विस्तार माननीय मंत्री महोदय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009–14 में जहाँ औसत वार्षिक बजट आवंटन ₹4,380 करोड़ था, वहीं रेल बजट 2026–27 में यह बढ़कर ₹14,205 करोड़ हो गया है, जो लगभग तीन गुना वृद्धि को दर्शाता है।
राज्य में ₹92,974 करोड़ की रेलवे अवसंरचना परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं।
अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत 101 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है, जिन पर ₹3,600 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
इनमें से 9 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
बेहतर संपर्क के लिए 1 जोड़ी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, 9 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस तथा 11 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएँ संचालित की जा रही हैं।
वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,400 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है।
पश्चिम बंगाल में 100% विद्युतीकरण पूर्ण किया गया है, जिसमें 1,712 किलोमीटर रेल लाइन शामिल है।
राज्य में 523 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है।
कवच प्रणाली के अंतर्गत 3,200 आरकेएम स्वीकृत हैं, जिनमें 105 आरकेएम पर कार्य पूर्ण तथा 1,041 आरकेएम पर कार्य/टेंडर प्रगति पर है।
सुरक्षित, आधुनिक एवं यात्री-केंद्रित रेलवे की दिशा में सशक्त कदम
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने कहा कि रेल बजट 2026–27 के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने, सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

















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