आसनसोल : सोमवार को आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 32 अंतर्गत जमुड़िया के बोगरा चट्टी इलाके में हुई आगजनी की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया। परसों देर रात लगी आग में कई अस्थायी दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गई थीं। इस घटना के बाद सोमवार को भाजपा नेत्री प्रियंका टिंबरेवाल मौके पर पहुंचीं और पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। उनके दौरे के बाद आग की वजह को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

भाजपा नेत्री प्रियंका टिंबरेवाल ने घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत में आगजनी को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि घटनास्थल को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह आग अपने आप नहीं लगी, बल्कि इसे जानबूझकर लगाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन पर ये दुकानें स्थित थीं, वह एक निजी व्यक्ति की बताई जा रही है और अचानक देर रात आग लग जाती है, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती—यह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
प्रियंका टिंबरेवाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति छोटी-सी दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाने की कोशिश करता है, तो कुछ असामाजिक तत्व उसकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब दुकानदारों की दुकानों का इस तरह जल जाना केवल एक हादसा नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेत्री ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि आग जानबूझकर लगाई गई है, तो दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित दुकानदारों को तत्काल राहत और मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
दूसरी ओर, इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। जब इस घटना पर स्थानीय टीएमसी पार्षद भोला हेला से बात की गई, तो उन्होंने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्षद ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए भाजपा नेता हर घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि एक संवेदनशील हादसे पर राजनीति की जा रही है।

भोला हेला ने स्पष्ट किया कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या है, यह जांच का विषय है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी तरह का आरोप लगाना या निष्कर्ष निकालना गलत होगा। पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले को लेकर श्रीपुर चौकी में विधिवत शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है।
टीएमसी पार्षद ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले भाजपा नेताओं को अपने शासित राज्यों की स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अपराध की स्थिति किसी से छिपी नहीं है, जबकि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का प्रशासन हमेशा आम लोगों के साथ खड़ा रहता है।
भोला हेला ने यह भी दावा किया कि इस घटना को लेकर उनकी बातचीत संबंधित विधायक और ब्लॉक के टीएमसी अध्यक्ष से हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन दुकानदारों की दुकानें आग में जल गई हैं, उन्हें दोबारा बसाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी और जल्द ही उनकी दुकानें फिर से बनाई जाएंगी।
फिलहाल बोगरा चट्टी अग्निकांड को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। एक ओर जहां विपक्ष इसे साजिश बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल जांच पूरी होने तक संयम बरतने की बात कर रहा है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश।















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