आसनसोल : शहर के सर्राफा और आभूषण व्यापार को पारदर्शी, संगठित और कानूनी मानकों के अनुरूप बनाए रखने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। आसनसोल बुलियन मर्चेंट्स एसोसिएशन (एबीएमए) के तत्वावधान में घंटी गली स्थित एबीएमए कार्यालय परिसर में वजन एवं माप नवीनीकरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में मेट्रोलॉजी विभाग की देखरेख में व्यापारियों के तौल-माप उपकरणों का नवीनीकरण किया गया।

मंगलवार सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ हुए इस शिविर में सर्राफा, बुलियन और आभूषण व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य व्यापार में प्रयुक्त तराजू, बाट और अन्य माप उपकरणों को विधिक रूप से प्रमाणित कर उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करना था। शिविर के माध्यम से लगभग 125 दुकानदारों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ, जिन्होंने एक ही स्थान पर अपने उपकरणों का नवीनीकरण कराया।
मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारियों ने शिविर के दौरान सभी उपकरणों की विधिवत जांच कर निर्धारित मानकों के अनुसार उनका नवीनीकरण किया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व में लगभग 80 हजार से एक लाख रुपये तक की प्राप्ति हुई, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से एक सकारात्मक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि हुई, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में अनुशासन और पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई।

इस शिविर के आयोजन में आसनसोल बुलियन मर्चेंट्स एसोसिएशन के साथ-साथ आसनसोल ज्वेलरी वेलफेयर एसोसिएशन एवं स्वर्ण शिल्पी समिति का भी सक्रिय सहयोग रहा। विभिन्न संगठनों के समन्वय से यह शिविर सुव्यवस्थित और सफल रूप से संपन्न हुआ। व्यापारियों ने भी इसे समय और संसाधन की बचत करने वाला उपयोगी प्रयास बताया।

शिविर के दौरान एबीएमए के अध्यक्ष सुनील मूकिम, सचिव आनंद अग्रवाला, कोषाध्यक्ष प्रभाष गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा शंकर गुप्ता, श्यामल चटर्जी, प्रदीप शर्मा, बिनोद गुप्ता, अशोक जी सहित कई वरिष्ठ व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मेट्रोलॉजी विभाग और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह के शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
एबीएमए पदाधिकारियों ने कहा कि नियमित रूप से तौल-माप नवीनीकरण न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि यह ग्राहकों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाए रखने का भी आधार है। उपभोक्ता जब प्रमाणित उपकरणों से तौल की गई वस्तुएं खरीदता है, तो व्यापार की साख स्वतः बढ़ती है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे भविष्य में भी ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
व्यापारिक समुदाय ने इस आयोजन को सराहनीय बताते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभागीय सुविधा उपलब्ध होने से समय की बचत हुई और अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिली। कुल मिलाकर, यह शिविर न केवल व्यापारियों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि शहर में संगठित और ईमानदार व्यापार संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।















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