दुर्गापुर : अवैध कोयला और बालू तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की गति और धार दोनों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में दुर्गापुर के बुदबुद थाना क्षेत्र के नवनियुक्त थाना प्रभारी (ओसी) मनोरंजन मंडल को ईडी ने तलब किया है। उन्हें सोमवार को कोलकाता स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के केंद्रीय कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, मनोरंजन मंडल से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर एजेंसी विस्तृत और गहन पूछताछ की तैयारी में है।

ईडी ने इस मामले में चिन्मय मंडल को भी समन जारी किया है। दोनों से पूछताछ के जरिए एजेंसी अवैध खनन, तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की परतें खोलने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले 3 फरवरी को ईडी ने एक साथ राज्य के कई जिलों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। उसी दिन दुर्गापुर सिटी सेंटर स्थित मनोरंजन मंडल के आवास पर भी घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया था। यह छापेमारी पश्चिम बर्धमान सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 10 से 12 ठिकानों पर की गई थी। उस कार्रवाई ने औद्योगिक शिल्पांचल में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी।
मनोरंजन मंडल का नाम इस मामले में इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे पहले बाराबनी थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे। उस दौरान उनके खिलाफ लगे आरोपों के चलते उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। अब बुदबुद थाने में नई जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही समय बाद ईडी द्वारा तलब किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच अवैध कोयला और बालू खनन से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट पर केंद्रित है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर प्राकृतिक संसाधनों की अवैध निकासी की गई और उससे अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई। मनी लॉन्ड्रिंग की इस पूरी प्रक्रिया में कई प्रभावशाली व्यक्तियों, कारोबारियों और कथित तौर पर कुछ सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
3 फरवरी को हुई छापेमारी के दौरान ईडी ने केवल एक स्थान तक खुद को सीमित नहीं रखा था। जामुड़िया क्षेत्र में व्यवसायी बंसल से जुड़े ठिकानों पर भी एजेंसी ने दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की थी। वहीं दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप में बालू कारोबारी प्रबीर दत्ता और उनके भाई अमित दत्ता के आवास पर भी तलाशी ली गई थी। ईडी की टीम ने वहां से कई महत्वपूर्ण कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है।

इसके अतिरिक्त, शेख अख्तर, किरण खान, मिर्जा हसामुद्दीन बेग और पाण्डवेश्वर के नवग्राम इलाके में शेख मैजुल के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी गई थी। यह समन्वित कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि एजेंसी पूरे नेटवर्क को एक साथ खंगालने की रणनीति पर काम कर रही है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अवैध कोयला और बालू तस्करी का यह कारोबार वर्षों से सक्रिय रहा है और इसमें कई परतें हैं। ईडी अब इन परतों को एक-एक कर उजागर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी के अधिकारी इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी।
ईडी की इस सख्ती से शिल्पांचल में हड़कंप का माहौल है। प्रशासनिक और कारोबारी जगत में यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं। सोमवार को होने वाली पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर पूरे इलाके की नजरें टिकी हुई हैं।















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