आसनसोल : शहर के एनएस रोड स्थित काला चंद हाउस में आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की पहल पर प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण शिविर आयोजित किया गया। नगर निगम द्वारा बकाया करदाताओं को दी जा रही 20 प्रतिशत छूट की सुविधा का लाभ दिलाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे। मौके पर टैक्स विभाग के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने बकाया राशि का आकलन कर रियायत के साथ भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई।

गौरतलब है कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 31 मार्च से पहले बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों को विशेष छूट दी जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक संगठनों ने आगे बढ़कर करदाताओं को एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू किया है।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि इस तरह की पहल से कर संग्रह में पारदर्शिता आती है और लोगों को भी सहूलियत मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि व्यापारी समुदाय इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएगा और समय सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा। उन्होंने आयोजन के लिए चेंबर के पदाधिकारियों का आभार भी जताया।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार एवं निदेशक सचिन राय ने बताया कि व्यापारियों को निगम द्वारा दी गई रियायत की जानकारी देने और उन्हें भुगतान के लिए प्रेरित करने के मकसद से यह शिविर लगाया गया है। उनका कहना था कि कई बार व्यस्तता या प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण लोग समय पर कर जमा नहीं कर पाते। ऐसे में एक ही छत के नीचे सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध होने से सुविधा बढ़ती है।

उन्होंने बताया कि यह शिविर केवल एक दिन का नहीं, बल्कि तीन दिनों तक चलेगा ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। पिछले वर्ष भी इसी तरह का आयोजन किया गया था, जिसमें उल्लेखनीय कर संग्रह हुआ था। इस बार भी बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम में महाबीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा, वार्ड स्तर के जनप्रतिनिधि, चेंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतपाल सिंह कीर, श्रवण अग्रवाल, मनोज साहा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने व्यापारियों से अपील की कि वे रियायत की अवधि समाप्त होने से पहले अपने बकाया कर का भुगतान कर लें।

शिविर में पहुंचे कई व्यापारियों ने व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि निगम कार्यालय के चक्कर लगाने की बजाय यहां आसानी से काम हो गया। दस्तावेजों की जांच से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया सरल रही।
मंगलवार को शुरू हुआ यह प्रयास आने वाले दिनों में कर संग्रह को गति देने के साथ-साथ निगम और व्यापारियों के बीच समन्वय को भी मजबूत करेगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समय सीमा तक कितने लोग इस अवसर का लाभ उठा पाते हैं।















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