आसनसोल : आसनसोल में रविवार को रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उम्मीद भरी पहल की शुरुआत हुई। शहर के रवींद्र भवन में राज्य सरकार की जुबो साथी योजना के अंतर्गत पंजीकरण अभियान प्रारंभ किया गया। पहले ही दिन बड़ी संख्या में युवक-युवतियां जरूरी कागजात के साथ केंद्र पर पहुंचे, जिससे परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

योजना का उद्देश्य निर्धारित आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को अस्थायी आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार की तलाश के दौरान अपने बुनियादी खर्च संभाल सकें। पात्र अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है, जो अधिकतम पांच वर्षों तक जारी रह सकती है या तब तक, जब तक उन्हें काम न मिल जाए।
पंजीकरण शिविर के उद्घाटन अवसर पर राज्य के मंत्री मलय घटक ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि कोई भी शिक्षित युवक आर्थिक तंगी के कारण पीछे न रह जाए। उन्होंने बताया कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहारा देगी और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का अवसर देगी।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से एस पोन्नबलम भी मौजूद रहे। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखना जरूरी है, ताकि सत्यापन में आसानी हो। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जिससे लोगों को दूर तक न जाना पड़े।
Asansol Municipal Corporation के प्रतिनिधियों ने व्यवस्था संभाली और आवेदकों को पंक्तिबद्ध तरीके से अंदर भेजा गया। गुरदास चटर्जी तथा अनिमेष दास समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के उस वर्ग को मजबूती देगी, जो रोजगार की राह देख रहा है।

रविवार होने के बावजूद सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कई आवेदक अपने परिवार के साथ पहुंचे। कुछ छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ तकनीकी प्रशिक्षण के बाद अवसर की प्रतीक्षा में हैं। सभी को उम्मीद है कि यह सहायता राशि उनकी तैयारी और रोजमर्रा के खर्च में मददगार साबित होगी।

शिविर में मौजूद कर्मियों ने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया तय तिथि तक जारी रहेगी। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्रता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी। चयनित लाभार्थियों को निर्धारित समय पर योजना का लाभ मिलना शुरू होगा।
कई युवाओं ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया, हालांकि कुछ ने यह भी कहा कि दीर्घकाल में रोजगार सृजन पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उनका मानना है कि भत्ता राहत जरूर देता है, लेकिन स्थायी नौकरी जीवन को अधिक सुरक्षित बनाती है।
फिलहाल, रवींद्र भवन में शुरू हुआ यह अभियान शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन को उम्मीद है कि अधिक से अधिक पात्र युवा आगे आएंगे और योजना का लाभ उठाएंगे, ताकि आर्थिक दबाव कम हो और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।















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