आसनसोल : शनिवार को रेलपार क्षेत्र के मुसुद्दी मोहल्ला में रेलवे भूमि पर निर्माणाधीन सड़क का कार्य रोके जाने के विरोध में स्थानीय निवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा कार्य बंद कराए जाने के बाद क्षेत्र में असंतोष फैल गया और बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराने लगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मुसुद्दी मोहल्ला में पूर्व में एक पुल का निर्माण किया गया था, जिसके साथ जुड़ी सड़क का अधिकांश भाग ढलाई तक पूर्ण हो चुका था। शेष निर्माण कार्य जारी था, किंतु शनिवार सुबह आरपीएफ के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य अचानक बंद करा दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी व्याप्त हो गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सड़क रेलपार क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से चांदमारी, कसाई मोहल्ला, सेंट्रल क्षेत्र के बाजार तथा समीपस्थ अस्पताल तक आवागमन सुगम होता है। दैनिक उपयोग की यह सड़क बंद होने से विद्यार्थियों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय निवासियों ने स्वीकार किया कि संबंधित भूमि रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आती है, किंतु उनका तर्क है कि वर्षों से इस मार्ग का उपयोग आम जनता द्वारा किया जाता रहा है और इससे रेलवे संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण क्षेत्रीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा था और अचानक रोक लगाए जाने से जनहित प्रभावित हुआ है।
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ कराया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन करेंगे। इसमें प्रमुख मार्गों पर धरना-प्रदर्शन तथा उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने की रणनीति भी शामिल है।
कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि वे इस विषय पर रेलवे अधिकारियों से संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। उनका कहना है कि यदि भूमि रेलवे की है, तो भी पारस्परिक सहमति से जनहित में समाधान निकाला जा सकता है।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि सड़क के अभाव में उन्हें लंबा चक्कर लगाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की हानि होती है। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचने में देरी गंभीर समस्या बन सकती है।

जब इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने औपचारिक टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना था कि वे मीडिया से बातचीत के लिए अधिकृत नहीं हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि रेलवे भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है और इसी कारण कार्रवाई की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में रेलवे भूमि और स्थानीय आबादी के बीच ऐसे विवाद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। समाधान के लिए प्रशासनिक समन्वय और स्पष्ट नीति आवश्यक है, ताकि विकास कार्य बाधित न हों और कानूनी प्रावधानों का भी उल्लंघन न हो।
शनिवार का यह प्रदर्शन क्षेत्र में जनसुविधाओं के महत्व को रेखांकित करता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर किस प्रकार इस विवाद का समाधान निकालते हैं। फिलहाल, रेलपार क्षेत्र के निवासी सड़क निर्माण पुनः प्रारंभ कराने की मांग पर अडिग हैं और जनहित में शीघ्र निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं।















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