आसनसोल : दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब परिवहन विभाग की टीम द्वारा एक यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। बस में सवार यात्रियों और अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस ने कुछ समय के लिए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। घटना के दौरान कथित रूप से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस झारखंड से पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्र की ओर जा रही थी। वाहन में बड़ी संख्या में यात्री, महिलाएं और बच्चे सवार थे, जो एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। जैसे ही बस आसनसोल क्षेत्र में प्रवेश कर राजमार्ग पर आगे बढ़ी, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने नियमित जांच के नाम पर उसे रोक लिया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहन के दस्तावेजों में कथित त्रुटियों का हवाला देते हुए दंडात्मक कार्रवाई की बात कही। अधिकारियों ने वाहन चालक को निर्देश दिया कि बस को यात्रियों सहित विभागीय कार्यालय तक ले जाया जाए, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बताया गया कि कार्यालय राजमार्ग से कुछ दूरी पर स्थित है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त असुविधा का सामना करना पड़ता।

यात्रियों ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वाहन में छोटे बच्चे और महिलाएं मौजूद हैं, इसलिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। यात्रियों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि कोई जुर्माना देय है तो उसे तत्काल ऑनलाइन माध्यम से जमा कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कुछ यात्रियों ने यह प्रस्ताव भी रखा कि चालक अकेले कार्यालय जाकर औपचारिकताएं पूरी कर सकता है, ताकि अन्य यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
हालांकि, यात्रियों के अनुसार अधिकारियों ने इन सुझावों पर सहमति नहीं जताई और पूरी बस को कार्यालय ले जाने पर जोर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और कुछ समय तक विवाद की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
घटना के दौरान कुछ लोगों द्वारा पूरे घटनाक्रम का वीडियो और फोटो रिकॉर्ड किया जाने लगा। इसी दौरान विभागीय वाहन के साथ मौजूद एक युवक द्वारा कथित रूप से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि उक्त युवक परिवहन विभाग के वाहन से संबंधित अस्थायी चालक बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि जांच के दौरान मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। कई चालकों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में साक्ष्य बनने से रोकने के लिए मोबाइल फोन छीनने या रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया जाता है, हालांकि विभागीय अधिकारी इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं।
रविवार की इस घटना ने परिवहन जांच की प्रक्रिया और उसके तौर-तरीकों पर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जांच आवश्यक है, लेकिन यात्रियों की सुविधा और मानवीय पहलुओं का ध्यान रखा जाना भी उतना ही जरूरी है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर जांच या कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना को लेकर लोगों में चर्चा जारी है।

















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