आसनसोल : औद्योगिक नगरी आसनसोल में सोमवार को जीटी रोड स्थित महावीर स्थान मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई। मंदिर व्यवस्था से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को समाप्त करने के उद्देश्य से सर्किट हाउस में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के मंत्री मलय घटक ने की, जिसमें मंदिर संचालन से जुड़ी विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में मंदिर प्रबंधन को लेकर सहमति बनाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। इसमें आसनसोल महावीर स्थान सेवा समिति, महावीर स्थान मंदिर सार्वजनीन दुर्गा पूजा महावीर अखाड़ा समिति तथा गणेश पूजा समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि मंदिर संचालन के लिए एक नई और सर्वमान्य समिति का गठन आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न उत्पन्न हो और मंदिर की गतिविधियां सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकें।
मंत्री मलय घटक ने बैठक के दौरान घोषणा करते हुए बताया कि सर्वसम्मति से 29 सदस्यीय नई समिति “आसनसोल महावीर स्थान मंदिर समिति” का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समिति मंदिर के प्रशासन, धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालेगी। समिति की सहमति के बिना मंदिर परिसर में कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा।
नई समिति में सोमनाथ गोराई को चेयरमैन, विजय कुमार शर्मा को उपाध्यक्ष तथा अरुण शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं बिनोद गुप्ता, अरविंद साव और संजय जालान को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नरेश अग्रवाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा शिव प्रसाद बर्मन और रविंद्र पंसारी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। समिति के कोषाध्यक्ष के रूप में अंकित खेतान और अनिल जालान को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अतिरिक्त 17 कार्यकारिणी सदस्यों को भी समिति में शामिल किया गया है, जिनमें अभिषेक प्रसाद बर्मन, मनीष भगत, मुकेश शर्मा, पुनीत संतोरीया, सियाराम अग्रवाल, विवेक बर्नवाल, आशीष भगत, राजीव सिंह, अरुण अग्रवाल, दीपक गुप्ता, भुवनेश्वर भगत, अजय सोनकर, शंभू धीबर, प्रदीप अग्रवाल, मधु शर्मा, मोहन गुप्ता तथा अमरजीत मिश्रा (पुरोहित) शामिल हैं।
बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि नई समिति के गठन से मंदिर संचालन में पारदर्शिता आएगी और सभी समुदायों का सहयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस निर्णय से मंदिर से जुड़े विवाद समाप्त होंगे और धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकेंगी।
मंत्री मलय घटक ने कहा कि महावीर स्थान मंदिर शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इसका संचालन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई समिति सभी पक्षों की सहमति से बनाई गई है और इससे मंदिर की व्यवस्था मजबूत होगी।
स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि नई समिति बनने से मंदिर प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और धार्मिक आयोजनों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
बैठक के समापन पर सभी पक्षों ने आपसी सहयोग से मंदिर के विकास और सुव्यवस्थित संचालन का संकल्प लिया।

















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