चितरंजन : मिहिजाम नगर परिषद के लिए मतदान मंगलवार को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस चुनाव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासनिक सतर्कता के कारण मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी हुई और किसी भी राजनीतिक दल की ओर से गंभीर शिकायत सामने नहीं आई।

नगर परिषद के चुनाव लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुए, जिससे मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा गया। लगभग आठ वर्षों के बाद स्थानीय निकाय के लिए मतदान संपन्न होने से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियमानुसार परिषद का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका था, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों, विशेषकर महामारी के कारण चुनाव समय पर नहीं हो सके थे। परिणामस्वरूप नगर परिषद का संचालन अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से किया जा रहा था।
इस बार चुनाव की विशेषता यह रही कि परिषद के बीस वार्डों के प्रतिनिधियों के चयन के साथ-साथ अध्यक्ष पद के लिए भी अलग से मतदान कराया गया। मतदाताओं ने अलग-अलग मतपत्रों का उपयोग कर दोनों स्तरों पर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। इस व्यवस्था के कारण मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया कुछ अधिक समय तक चली, लेकिन कुल मिलाकर व्यवस्था सुचारु रही।
पूर्व चेयरमैन कमल गुप्ता इस बार चुनाव मैदान में उम्मीदवार के रूप में नहीं उतरे, क्योंकि अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इसके बावजूद वे चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे और अपने समर्थकों के साथ प्रचार अभियान में भाग लेते रहे।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस समर्थित और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच केंद्रित रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान भले ही व्यक्तिगत उम्मीदवारों के नाम पर हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता ने चुनाव को अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया।
इस बार मतदान प्रतिशत लगभग 61 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में कुछ कम माना जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में कुल 37,056 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया को सफल और शांतिपूर्ण बताया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को कुछ क्षेत्रों में बढ़त मिल सकती है, लेकिन सत्ता विरोधी रुझान कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को लाभ पहुंचा सकता है। अंतिम परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।

मतगणना 27 फरवरी को जामताड़ा में निर्धारित की गई है। उसी दिन सभी वार्डों और अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों और समर्थकों में उत्सुकता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नई नगर परिषद के गठन के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। नागरिकों की अपेक्षा है कि नई परिषद मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और नगर के समग्र विकास के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।















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