आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और संबंधित दावों-आपत्तियों की समीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक अभियान आरंभ किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से कुल 1,37,539 मामलों को जांच और सत्यापन के लिए संबंधित प्राधिकारी के लॉगिन पोर्टल पर भेजा गया है। इस बड़े पैमाने की प्रक्रिया ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों में सक्रियता बढ़ा दी है।

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से भेजे गए मामलों की संख्या उल्लेखनीय है। पांडवेश्वर क्षेत्र से 10,105 प्रकरण, दुर्गापुर पूर्व से 8,485, दुर्गापुर पश्चिम से 11,582, रानीगंज से 17,847, जामुड़िया से 13,440, आसनसोल दक्षिण से 16,278, आसनसोल उत्तर से 28,767, कुल्टी से 22,509 तथा बाराबनी से 8,526 मामलों को समीक्षा के लिए अग्रेषित किया गया है। इन आंकड़ों में आसनसोल उत्तर क्षेत्र सर्वाधिक मामलों के साथ शीर्ष पर है, जबकि दुर्गापुर पूर्व और बाराबनी अपेक्षाकृत कम संख्या वाले क्षेत्र रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमित मतदाता सूची अद्यतन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है। समीक्षा में नए नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा विवरण संशोधन से जुड़े आवेदन शामिल हैं। प्रत्येक आवेदन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से वंचित न रहे और अपात्र नामों को समय रहते हटाया जा सके।
जिला निर्वाचन शाखा के अधिकारियों के अनुसार, सभी लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। संबंधित बूथ स्तर अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे घर-घर सत्यापन कर आवश्यक जानकारी एकत्रित करें। डिजिटल पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की तकनीकी जांच भी समानांतर रूप से की जा रही है।

चूंकि आगामी चुनाव निकट हैं, इसलिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया पर पैनी नजर रखे हुए हैं। विभिन्न दलों के प्रतिनिधि समय-समय पर प्रशासन से प्रगति रिपोर्ट की जानकारी ले रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समीक्षा निष्पक्ष ढंग से हो रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति के लिए नागरिक निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर मामलों की समीक्षा प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, किंतु इससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता मजबूत होगी। यदि प्रक्रिया समय पर पूर्ण हो जाती है तो आगामी चुनावों में मतदाता पहचान और मतदान प्रतिशत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शनिवार से आरंभ हुई इस व्यापक समीक्षा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिला प्रशासन मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के प्रति गंभीर है। अब देखना यह है कि निर्धारित समय में सभी 1,37,539 मामलों का सफल निस्तारण कैसे किया जाता है और इससे चुनावी तैयारी को कितनी मजबूती मिलती है।















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