पश्चिम बर्धमान में अंतिम मतदाता सूची, लाखों नाम हटे

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आसनसोल :  रविवार को पश्चिम बर्धमान जिले की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। निर्वाचन विभाग द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 23 लाख 27 हजार 111 दर्ज की गई है। प्रारूप सूची जारी होने के बाद से अब तक व्यापक संशोधन प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में नाम जोड़े और हटाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक मसौदे से लेकर अंतिम सूची तक लगभग 3 लाख 20 हजार 225 नाम विभिन्न कारणों से विलोपित किए गए हैं।

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निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि सूची संशोधन की प्रक्रिया अभी पूरी तरह थमी नहीं है। “तार्किक विसंगति” से जुड़े मामलों की जांच और सत्यापन का कार्य न्यायिक पर्यवेक्षण में चल रहा है। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस प्रक्रिया को गंभीरता से लिया गया है, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि तक यह सत्यापन कार्य जारी रहेगा।

जिला निर्वाचन कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई मामलों में एक ही मतदाता का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज पाया गया, जबकि कुछ मामलों में मृत अथवा स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम भी सूची में बने हुए थे। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर सत्यापन कर आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए। इसी आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए।

हालांकि नामों की कटौती को लेकर जिले के विभिन्न हिस्सों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ नागरिकों ने दावा किया कि उनके नाम बिना स्पष्ट सूचना के सूची से हटा दिए गए हैं। ऐसे लोगों के लिए निर्वाचन विभाग ने अपील और दावा-आपत्ति की व्यवस्था उपलब्ध कराई है। संबंधित मतदाता निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि दस्तावेज संतोषजनक पाए जाते हैं, तो उनका नाम पूरक सूची में शामिल किया जाएगा।

निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम किसी कारणवश हट गया है, वे घबराएं नहीं। नामांकन की अंतिम तिथि तक नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया खुली रहेगी। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध हैं। विभाग समय-समय पर पूरक मतदाता सूची प्रकाशित करेगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। यदि सूची में त्रुटियां बनी रहें, तो मतदान के दिन अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। इसीलिए न्यायिक निर्देशों के अनुरूप तार्किक विसंगतियों की पहचान और समाधान पर जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार न्यायाधीशों की निगरानी में चल रही यह प्रक्रिया निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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जिले के राजनीतिक हलकों में भी इस सूची को लेकर हलचल है। विभिन्न दलों के प्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर सूची का अध्ययन कर रहे हैं। जहां कुछ दलों ने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया, वहीं कुछ ने व्यापक नाम विलोपन पर सवाल उठाए हैं। निर्वाचन विभाग ने सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा की है और कहा है कि यदि किसी बूथ पर असामान्य स्थिति दिखती है तो संबंधित अधिकारी को लिखित सूचना दी जाए।

रविवार को सूची जारी होने के बाद जिला मुख्यालय में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही। कई नागरिक अपने नाम की पुष्टि करने पहुंचे। अधिकारियों ने सहायता केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। ऑनलाइन पोर्टल पर भी मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट है कि लोग जागरूक होकर अपनी स्थिति की जांच कर रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि अंतिम सूची जारी करना एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन प्रक्रिया गतिशील रहती है। नामांकन की अंतिम तिथि तक आवश्यक संशोधन और पूरक प्रकाशन किए जाएंगे। इस बीच, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नाम, पता और अन्य विवरण की पुष्टि अवश्य करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तत्काल दावा प्रस्तुत करें।

पश्चिम बर्धमान में रविवार को जारी हुई यह अंतिम मतदाता सूची आगामी चुनावी प्रक्रिया की आधारशिला मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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