आसनसोल : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आसनसोल में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची प्रकाशित करने तथा विधानसभा चुनाव की तिथि शीघ्र घोषित करने की मांग को लेकर आसनसोल महकमा शासक (एसडीओ) कार्यालय के समक्ष विरोध जताया।

प्रदर्शन में माकपा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम कर दिया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़क पर जाम की स्थिति बनने से आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि कार्यकर्ताओं का आक्रोश काफी देर तक जारी रहा। बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर महकमा शासक कार्यालय का मुख्य द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। प्रशासन को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी कार्यालय परिसर के भीतर प्रवेश करने का प्रयास कर सकते हैं।

इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी गेट के भीतर जाने की कोशिश करते दिखाई दिए, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी को लेकर पुलिस कर्मियों और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और किसी बड़े टकराव को होने से रोक दिया।

संभावित तनाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की। धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।
प्रदर्शन के अंत में माकपा का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल महकमा शासक से मिलने के लिए कार्यालय के भीतर गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पार्टी की ओर से मतदाता सूची में कथित त्रुटियों को जल्द से जल्द ठीक करने और चुनाव की तारीखों की घोषणा करने की मांग की गई।
इस अवसर पर माकपा के राज्य नेता पार्थ मुखर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई तरह की विसंगतियां सामने आ रही हैं, जिन्हें तुरंत दूर करना जरूरी है।
पार्थ मुखर्जी ने कहा कि यदि मतदाता सूची में त्रुटियां बनी रहती हैं, तो इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिमुक्त बनाया जाए ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक अपने मताधिकार का सही तरीके से उपयोग कर सके।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पार्टी की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो माकपा आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के तहत सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।















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