आसनसोल : सामाजिक सेवा और मानवता के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए Rotary Club of Asansol Greater की ओर से शहर में एक विशेष निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 22 से 24 मार्च तक आयोजित होगा, जिसमें हाथ या पैर खो चुके जरूरतमंद लोगों को आधुनिक तकनीक से बने कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

यह शिविर आसनसोल के एसबी गोरई रोड स्थित Parvati Hall में आयोजित किया जाएगा। पहले यह शिविर 20 से 22 मार्च तक आयोजित होने वाला था, लेकिन आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की तिथि में परिवर्तन करते हुए इसे 22 से 24 मार्च तक कर दिया गया है। शिविर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शुरू होगा और इसमें विशेषज्ञों की टीम द्वारा लाभार्थियों की जांच कर उन्हें उपयुक्त कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल ग्रेटर के अध्यक्ष Sachin Rai ने बताया कि क्लब की ओर से समाजसेवा के कई कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। यह विशेष शिविर भी उसी प्रयास का हिस्सा है, ताकि ऐसे लोग जिनके हाथ या पैर किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण कट चुके हैं, उन्हें एक नया सहारा मिल सके और वे सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित हो सकें।
उन्होंने बताया कि इस शिविर में विशेष रूप से उन लोगों को कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराया जाएगा, जिनका हाथ कोहनी से लगभग चार इंच तक सुरक्षित है लेकिन उसके आगे का हिस्सा कट चुका है। इसके अलावा जिन लोगों के पैर नहीं हैं, उन्हें भी आधुनिक तकनीक से बने कृत्रिम पैर प्रदान किए जाएंगे। कृत्रिम अंग लगाने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर और तकनीकी टीम लाभार्थियों की शारीरिक स्थिति का परीक्षण करेगी, ताकि उन्हें सही आकार और संरचना वाला अंग उपलब्ध कराया जा सके।
शिविर के लिए पात्रता संबंधी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कृत्रिम अंग प्राप्त करने के लिए लाभार्थी की आयु कम से कम 10 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है और इच्छुक व्यक्ति निर्धारित संपर्क नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम के आयोजन में कई सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। इनमें Rotary Community Asansol, Gram Sob Peyechir Asar, Interact Club of Asansol North Point School तथा Rotaract Club of Parvati Teachers Training Institute प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि इन संस्थाओं के सहयोग से शिविर को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

सचिन राय ने बताया कि शिविर में जिन कृत्रिम अंगों का प्रत्यारोपण किया जाएगा, वे अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित हैं। इनका निर्माण विदेश में, विशेष रूप से अमेरिका की तकनीक के आधार पर किया गया है। इन अंगों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि उपयोगकर्ता को अधिकतम आराम और संतुलन मिल सके तथा वह सामान्य गतिविधियों को अपेक्षाकृत सहजता से कर सके।
उन्होंने कहा कि कई बार दुर्घटना या बीमारी के कारण व्यक्ति का कोई अंग कट जाने से उसका आत्मविश्वास कमजोर पड़ जाता है और वह समाज से अलग-थलग महसूस करने लगता है। ऐसे में कृत्रिम अंग न केवल शारीरिक सहारा प्रदान करते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को नई ऊर्जा देते हैं।
आयोजकों का मानना है कि इस शिविर के माध्यम से अनेक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा और वे अपने जीवन को फिर से सामान्य रूप में आगे बढ़ा सकेंगे। रोटरी क्लब ने समाज के लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे कृत्रिम अंग की आवश्यकता है, तो उसे इस शिविर की जानकारी अवश्य दें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें।















Users Today : 10
Users Yesterday : 54