रानीगंज : पश्चिम बर्दवान जिले के रानीगंज क्षेत्र में गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां उस समय तेज हो गईं, जब आसनसोल दक्षिण की भारतीय जनता पार्टी की विधायक अग्निमित्रा पाल ने विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान नूपुर गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका देख उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक अग्निमित्रा पाल ने गुरुवार को रानीगंज क्षेत्र के बल्लभपुर पंचायत अंतर्गत बल्लभपुर और नूपुर गांव में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया। इस अभियान के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान जब वह नूपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, तो वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ पाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने पर विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यदिवस होने के बावजूद अस्पताल का बंद रहना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो रही हैं और आम जनता को समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होता है, लेकिन यदि कार्यदिवस पर भी अस्पताल बंद मिलें तो यह प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि किसी ग्रामीण को अचानक आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ जाए, तो वह कहां जाएगा।
विधायक ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
जनसंपर्क अभियान के दौरान विधायक अग्निमित्रा पाल ने क्षेत्र के कई घरों में जाकर लोगों से संवाद भी किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों को केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने आगामी 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा का भी उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को इस सभा में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी अपेक्षित है।
वहीं दूसरी ओर विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बल्लभपुर पंचायत के उपप्रधान सिधान मंडल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी उस समय क्षेत्र में आयोजित एक विशेष स्वास्थ्य शिविर में भाग लेने गए थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही स्वास्थ्य कर्मियों को शिविर में भेजा गया था, इसलिए स्वास्थ्य केंद्र अस्थायी रूप से बंद था। उन्होंने कहा कि इसे प्रशासनिक लापरवाही बताना उचित नहीं है।
सिधान मंडल ने विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता यह अच्छी तरह जानती है कि पिछले कई वर्षों में यहां किस प्रकार कार्य हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव निकट आते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जबकि सामान्य समय में वे क्षेत्र में कम दिखाई देते हैं।
उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान क्षेत्र में विधायक की सक्रियता कितनी रही, इसका उत्तर जनता स्वयं दे सकती है। अब जब चुनाव नजदीक हैं, तब अचानक क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है।

















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