आसनसोल : गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र आसनसोल उत्तर और दक्षिण दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। दोनों ही सीटों पर मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा होता नजर आ रहा है, जबकि अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर अपने अनुभवी नेता मलय घटक पर भरोसा जताया है। मलय घटक लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने उन्हें दो प्रमुख कारणों से उम्मीदवार बनाया है—उनका प्रशासनिक अनुभव और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ उनका सीधा संपर्क।
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से कृष्णेंदु मुखर्जी को उम्मीदवार बनाया है। कृष्णेंदु मुखर्जी क्षेत्र में एक सक्रिय आयोजक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया है। चुनावी मैदान में उतरते ही उन्होंने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है, जिससे इस सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आसनसोल उत्तर में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। दोनों ही उम्मीदवार अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
इसी तरह आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं है। यहां तृणमूल कांग्रेस ने तापस बनर्जी को उम्मीदवार बनाया है, जिनकी क्षेत्र में एक अलग पहचान है। तापस बनर्जी ने अपने पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाते हुए जनता के बीच पहुंचना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में विकास की गति को बनाए रखना और लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।
हालांकि, कुछ वर्गों में उनके प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है, जो चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पाल मैदान में हैं। अग्निमित्रा पाल ने पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। उन्होंने जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा और स्थानीय मुद्दों को उठाया, जिससे उन्हें एक सशक्त उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है।
आसनसोल दक्षिण में दोनों उम्मीदवारों के बीच सीधी और कड़ी टक्कर की संभावना जताई जा रही है। दोनों ही दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने, बूथ प्रबंधन पर ध्यान देने और अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे हुए हैं।
चुनाव के नजदीक आते ही दोनों ही क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जनसभाएं, रोड शो और घर-घर जनसंपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशें जारी हैं।
फिलहाल, आसनसोल उत्तर और दक्षिण दोनों ही सीटें चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गई हैं। यहां के परिणाम न केवल स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे जिले के राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
अब सभी की निगाहें मतदान के दिन और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं और किसके पक्ष में जनादेश जाता है।
















Users Today : 35
Users Yesterday : 54