आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में नजर आ रहा है। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आसनसोल महकमा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मार्गों और चौराहों पर विशेष नाका पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जहां से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
रविवार को इस अभियान की समीक्षा के तहत उप-मंडल पदाधिकारी (एसडीओ) विश्वजीत भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित कल्ला मोड़ और जुबली मोड़ पर बनाए गए नाका पॉइंट का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत कर चेकिंग की प्रक्रिया को समझा और उसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि हर वाहन की पूरी सतर्कता के साथ जांच की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अवैध नकदी, शराब, हथियार या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की आवाजाही को रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में नाका पॉइंट पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विश्वजीत भट्टाचार्य ने बताया कि आसनसोल महकमा क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों पर नाका पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि चेकिंग के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तथा व्यवस्थित ढंग से संचालित की जाए।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हर वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है और आवश्यक होने पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार प्रशासन की सतर्कता पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है। नाका पॉइंट पर कड़ी जांच के कारण क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बना हुआ है और लोगों को भरोसा है कि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहेगी।
राजनीतिक दृष्टिकोण से आसनसोल एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है, जहां हर चुनाव में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए पहले से ही सख्त कदम उठा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सतर्कता से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सकती है।
















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