जामुड़िया : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के बाद जहां पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में एक छोटी सी घटना ने बड़े विवाद का रूप ले लिया है। रविवार को यहां दीवार लेखन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है, जिससे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जामुड़िया थाना क्षेत्र के बहादुरपुर बगदीपाड़ा स्थित 210 नंबर बूथ इलाके में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हरेराम सिंह के समर्थन में किए गए दीवार लेखन को कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मिटा दिया गया। सुबह जब स्थानीय कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया और क्षेत्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। विधायक एवं उम्मीदवार हरेराम सिंह ने कहा कि जामुड़िया में उनकी पार्टी की स्थिति मजबूत है और यह विरोधियों को रास नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, ताकि चुनाव से पहले क्षेत्र में तनाव पैदा किया जा सके और मतदाताओं को भ्रमित किया जा सके।
हरेराम सिंह ने यह भी कहा कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने में विश्वास रखती है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा के उम्मीदवार डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा कि इस घटना से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इसे तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक विवाद बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर गुटबाजी अब खुलकर सामने आ रही है। उनके अनुसार, इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक सहानुभूति बटोरने का प्रयास हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में दीवार लेखन का विशेष महत्व रहा है। ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में यह प्रचार का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है, जिसके जरिए राजनीतिक दल सीधे आम जनता तक अपनी बात पहुंचाते हैं। ऐसे में दीवार लेखन को लेकर होने वाले विवाद चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
जामुड़िया क्षेत्र में पहले से ही बेरोजगारी, औद्योगिक विकास और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं चुनावी तापमान को और बढ़ा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक दलों को इस प्रकार के विवादों से बचते हुए विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है और अज्ञात आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
















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