जामुड़िया: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सोमवार को जामुड़िया में एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद Shatrughan Sinha की गाड़ी पर नीली बत्ती लगे होने को लेकर सवाल उठने लगे। चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद इस तरह की व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे क्षेत्र का सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है।

सोमवार शाम जामुड़िया में अपने पहले चुनावी दौरे पर पहुंचे शत्रुघ्न सिन्हा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार हरेराम सिंह के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतरें और उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करें। उनके भाषण में आत्मविश्वास झलकता दिखा, जहां उन्होंने दावा किया कि जामुड़िया सीट पर तृणमूल कांग्रेस की स्थिति मजबूत है।
सभा के दौरान उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में अशांति और दंगों की जो तस्वीर पेश की जा रही है, वह वास्तविकता से परे है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम है तथा लोग मिल-जुलकर रह रहे हैं। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और यह चुनाव बीते कई वर्षों में सबसे अहम साबित होने वाला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा और विपक्ष के साथ मिलकर काम करने के आरोप भी लगाए।
अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की नीतियों और योजनाओं की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य साथी, सबुज साथी, कन्याश्री और रूपश्री जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे समाज के हर वर्ग को लाभ मिला है और राज्य सरकार जनहित में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र द्वारा रोकी गई बड़ी वित्तीय राशि की भरपाई राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से की है।
हालांकि, पूरे कार्यक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उनकी गाड़ी पर लगी नीली बत्ती को लेकर रही। चुनावी आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस तरह की सुविधा का उपयोग नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। इस पर सफाई देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और वे हाल ही में राज्य में आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। विवाद बढ़ने के बाद उनकी गाड़ी से नीली बत्ती हटा दी गई।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए जामुड़िया से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. बिजन मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह की विशेष सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल नियमों की अनदेखी कर रहा है और इसे लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवाद चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। जामुड़िया जैसे औद्योगिक क्षेत्र में पहले ही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है, ऐसे में छोटे-छोटे मुद्दे भी बड़े विवाद का रूप ले सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आम जनता भी इसे लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रही है। जहां एक ओर तृणमूल समर्थक इसे मामूली चूक बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे आचार संहिता के उल्लंघन का गंभीर मामला मान रहा है।
कुल मिलाकर, जामुड़िया में शत्रुघ्न सिन्हा के दौरे ने जहां तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार को गति दी, वहीं नीली बत्ती विवाद ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।














Users Today : 9
Users Yesterday : 14