आसनसोल/मैथन : शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन आकर्षण के लिए प्रसिद्ध मैथन जलाशय क्षेत्र में रविवार दोपहर हिंसा की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में रोष फैल गया है। ‘फायरिंग स्पॉट’ नाम से चर्चित इलाके में कथित रूप से नशे में धुत कुछ युवकों ने दो स्थानीय नाव चालकों पर हमला कर दिया। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर जलाशय के किनारे बाहरी युवकों का एक समूह पहुंचा था। बताया जा रहा है कि समूह के कुछ सदस्य खुलेआम शराब का सेवन कर रहे थे और नशे की हालत में हंगामा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवकों का व्यवहार आपत्तिजनक था और आसपास मौजूद परिवारों तथा पर्यटकों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान कालीपाथर निवासी दो नाव चालक—जमशेद अंसारी और निजामुद्दीन मियां—ने उन्हें संयम बरतने और सार्वजनिक स्थल पर अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। आरोप है कि इस बात से युवक भड़क गए और कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बताया गया कि आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और दोनों नाव चालकों पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने लाठियों तथा धातु के पंचनुमा हथियारों से मारपीट की। अचानक हुए हमले में दोनों नाव चालक जमीन पर गिर पड़े। उनके सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। शोरगुल सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग निकले।
घटना के बाद घायल दोनों व्यक्तियों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पिठाकेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर हैं।
घायलों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कई बार पुलिस को फोन कर सहायता मांगी गई, लेकिन तत्काल मदद नहीं मिली। बाद में वे स्वयं कल्याणेश्वरी चौकी पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस आरोप के बाद पुलिस की तत्परता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना के बाद स्थानीय नाव चालकों, दुकानदारों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि यदि पर्यटन स्थल पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही और खुलेआम उपद्रव पर रोक नहीं लगी, तो मैथन की छवि खराब होगी। इससे स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, क्योंकि बड़ी संख्या में परिवार पर्यटन पर निर्भर हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जलाशय क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील स्थानों पर स्थायी चौकियां बनाई जाएं और छुट्टी के दिनों में विशेष निगरानी रखी जाए। उनका कहना है कि परिवारों और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा है। कई लोगों ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह इलाका असामाजिक तत्वों का अड्डा बन सकता है।
फिलहाल, मैथन में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि यह सुंदर पर्यटन स्थल फिर से सुरक्षित और शांत वातावरण के लिए पहचाना जा सके।
















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