दुर्गापुर : दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (डीएसपी) की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले चोर गिरोह के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने शनिवार को बड़ी सफलता हासिल की। सीआईएसएफ जवानों की सतर्कता से संयंत्र परिसर से चोरी की जा रही करीब 980 किलोग्राम तांबे की केबल और अन्य कीमती सामग्री बरामद की गई। बरामद सामान की अनुमानित कीमत लगभग 9.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई की तड़के करीब 2:30 बजे डीएसपी इकाई में तैनात सीआईएसएफ जवानों को संयंत्र परिसर के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। सुरक्षा बल ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए विशेष तलाशी अभियान शुरू किया। इसके लिए सीआईएसएफ की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने संयंत्र के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान रॉ मैटेरियल हैंडलिंग प्लांट (आरएमएचपी), सेक्शन मिल और पिलर संख्या-457 के आसपास के इलाकों में जांच की गई। इसी दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में तांबे की केबल और अन्य औद्योगिक सामग्री बरामद हुई। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इन सामग्रियों को संयंत्र से बाहर ले जाने की योजना बनाई थी।
सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बल पिछले कई दिनों से संयंत्र परिसर में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चला रहा था। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान अतिरिक्त रूप से करीब 260 किलोग्राम तांबे की केबल भी बरामद की गई।
मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान दुर्गापुर के वारिया कोल डिपो क्षेत्र निवासी 43 वर्षीय जितेंद्र महतो के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपी चोरी की इस वारदात में शामिल हो सकता है। सीआईएसएफ ने आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वारिया फाड़ी पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

बरामद सभी सामग्रियों को डीएसपी प्रबंधन को सौंप दिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की इस घटना में और कितने लोग शामिल थे। साथ ही संयंत्र के अंदर चोरी के लिए सक्रिय किसी संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि संयंत्र की संपत्ति और सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
सीआईएसएफ की इस तत्परता से जहां चोरी की बड़ी साजिश विफल हुई है, वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक मजबूत संदेश भी गया है।















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