टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू
– फोटो : ani
साल 2021। आंध्र प्रदेश का विधानसभा भवन। चंद्रबाबू नायडू तमतमाकर खड़े हुए और विधानसभा से बाहर चले गए। साथ में उन्होंने प्रण लिया कि अब वे मुख्यमंत्री बनने के बाद ही वापस विधानसभा में कदम रखेंगे। इस गुस्से का कारण था कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ की गई टिप्पणियां। 2021 से दो साल पहले 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में नायडू ने जगन मोहन रेड्डी के हाथों अपमानजनक हार झेली थी।
आप फास्ट फोरवर्ड करते हैं…चार जून 2024, आंध्रप्रदेश के विधानसभा चुनाव में नायडू 133 सीटों के साथ उभरकर सामने आए। वहीं, उनके गठबंधन में शामिल जनसेना ने 21 सीटें हासिल की तो भाजपा ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की। आंध्र प्रदेश के लोकसभा चुनावों में भी टीडीपी ने सबसे अधिक सीटें जीत लीं। टीडीपी को 23 से 133 सीटों तक पहुंचाने में चंद्रबाबू नाडयू का अहम रोल रहा है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि नायडू कौन हैं? उनका जन्म कब-कहां हुआ? उन्होंने कहां से शिक्षा हासिल की? उन्होंने कब राजनीति में कदम रखा? उन्होंने कैसे मजबूत जनाधार हासिल किया? आइये सिलसिलेवार तरीके से इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं…
तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके नायडू
नायडू का जन्म 20 अप्रैल 1950 को अविभाजित आंध्रप्रदेश में हुआ। चित्तूर जिले के नरवरिपल्ली में जन्में नायडू ने अपनी राजनीति की शुरुआत तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से की। छात्र राजनीति से निकलकर नायडू कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। वे कैबिनेट मंत्री भी बने। हालांकि बाद में उन्होंने अपने दिवंगत ससुर और दिग्गज अभिनेता एनटी रामा राव की पार्टी टीडीपी में शामिल हो गए। पहली बार 1995 में वे मुख्यमंत्री बने और तीन बार राज्य की बागडोर संभाली, दो बार अविभाजित आंध्र की तो एक बार विभाजित आंध्र की।
वाजपेयी सरकार के गठन में अहम भूमिका
नायडू को आधुनिक हैदराबाद का मुख्य वास्तुकार भी कहा जाता है। उन्होंने हाई-टेक शहर को विकसित करने और इसे एक प्रमुख केंद्र में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को बाहर से समर्थन दिया और सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अमरावती को विभाजित आंध्र की राजधानी बनाने का बीड़ा उठाया लेकिन 2019 में सत्ता से बाहर होने के बाद यह सपना सिर्फ सपना ही रह गया।
कौशल विकास घोटाले में हो चुके हैं गिरफ्तार
बता दें, चंद्रबाबू नायडू सितंबर 2023 में 371 करोड़ रुपये के कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार हुए थे। सीआईडी ने उन्हें नौ सितंबर को सुबह करीब छह बजे ज्ञानपुरम में बस में सोते वक्त गिरफ्तार किया था। सीआईडी का दावा है कि नायडू के ही नेतृत्व में मुखौटा कंपनियों के जरिये सरकारी धन को निजी संस्थाओं में हस्तांतरित करने की साजिश रची गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वर्ष 2018 में इस घोटाले की शिकायत की थी। मौजूदा सरकार की जांच से पहले जीएसटी इंटेलिजेंस विंग और आयकर विभाग भी घोटाले की जांच कर रहे थे। हालांकि, चार सप्ताह बाद उन्हें अंतरिम जमानत दी गई।















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