

बांकुड़ा : इस वर्ष पुआबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने अपने दुर्गा पूजा मंडप के लिए ‘सेलुलर जेल’ की थीम को चुना है, जो न केवल कलात्मक रूप में उत्कृष्ट है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों की यादों को भी जीवंत करती है। जिले की बड़ी बजट वाली पूजाओं में शामिल यह पूजा, वीर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने का अनूठा प्रयास है।

ज्ञातव्य हो कि 19वीं सदी के अंत में, भारत में अंग्रेजों के दमनकारी शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन चरम पर पहुंचा। फाँसी के अतिरिक्त, ब्रिटिश सरकार द्वारा अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को अंडमान में निर्वासित कर अमानवीय यातनाएं दी गईं। 1906 में निर्मित ‘सेलुलर जेल’ इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई थी, जिसमें बर्मा से मंगवाई गई मोटी लाल ईंटों का प्रयोग हुआ था। ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर में इस जेल में कैदियों का एक बड़ा हिस्सा स्वतंत्रता सेनानियों का था, जिन्हें यहां असहनीय कष्ट दिए गए। इस क्रूरता का परिणाम यह हुआ कि कई कैदी यातनाओं से टूटकर मृत्यु को प्राप्त हुए या आत्महत्या को विवश हो गए।
इस पूजा मंडप में, कलाकार चंदन रॉय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा पोर्ट ब्लेयर में पहली बार भारतीय धरती पर तिरंगा फहराने के दृश्य सहित विभिन्न स्वतंत्रता संग्राम के चित्रण किए हैं। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष की थीम का उद्देश्य उन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करना है जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
पूजा पंडाल की अंतिम तैयारी जोरों पर है। आयोजकों को विश्वास है कि आगंतुक इस प्रेरणादायक थीम से अभिभूत होंगे और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की स्मृति में गहराई से जुड़ाव महसूस करेंगे।
















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