
अंडाल : बीरभूम जिले के खैरासोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगारामचक कोयला खदान में हुए भयावह विस्फोट ने समूचे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस विस्फोट में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो चुकी है। अंडाल क्षेत्र के भी दो निवासियों की इस दुर्घटना में जान चली गई, जिनके नाम अशर्फी यादव और अमित कुमार सिंह बताए जा रहे हैं। मंगलवार की देर शाम दोनों मृतकों के शव जब उनके आवासों पर पहुंचे, तो समूचे इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी।जानकारी के अनुसार, मृतक अशर्फी यादव खास काजोड़ा क्षेत्र का निवासी था, जबकि अमित कुमार सिंह माधवपुर कोलियरी इलाके से थे। उनके शव जैसे ही क्षेत्र में पहुंचे, वहां के स्थानीय निवासियों में हाहाकार मच गया। सभी की आंखों में आंसू और चेहरों पर अविश्वास के भाव थे। परिजनों की करुण चित्कार ने वहां का माहौल और भी गमगीन बना दिया।घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिम बर्दवान जिला परिषद के अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी, उपाध्यक्ष विष्णु देव नोनिया, रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक तापस बनर्जी और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी (ईस्ट) अभिषेक गुप्ता मृतकों के आवास पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में हिम्मत बनाए रखने की अपील की।पश्चिम बर्दवान जिला परिषद के उपाध्यक्ष विष्णु देव नोनिया ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बीरभूम के खैरासोल स्थित कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में दो निर्दोष नागरिकों की जान चली जाना अत्यंत हृदयविदारक है।


उन्होंने सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे खदानों में पर्याप्त सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है। बिना किसी ठोस सुरक्षा प्रबंध के खदानों में काम कर रहे मजदूरों की जान हर समय जोखिम में रहती है। इस घटना से एक बार फिर यह साबित हुआ कि खदान संचालकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।















Users Today : 5
Users Yesterday : 37