

आसनसोल : आज आसनसोल के प्रतिष्ठित रविंद्र भवन में उत्तर ब्लॉक टीएमसी द्वारा आयोजित विजया सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक, विधायक हरे राम सिंह, जिला महिला टीएमसी अध्यक्ष आशिमा चक्रवर्ती, रणवीर सिंह जीतू सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, टीएमसी कार्यकर्ता तथा अन्य गणमान्य नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने परस्पर विजयादशमी की शुभकामनाएँ प्रदान कीं और एकजुटता के प्रतीक इस पर्व की महत्ता पर अपने विचार साझा किए।

विधायक हरे राम सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “दुर्गा पूजा न केवल बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार है, अपितु यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। जिस प्रकार राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर्व को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित पहचान दिलाई है, वह अत्यंत सराहनीय है। उनके सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप ही बंगाल के दुर्गा पूजा को यूनेस्को द्वारा वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। ममता बनर्जी का मानना है कि यद्यपि धर्म प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत विषय हो सकता है, परंतु उत्सव सभी के लिए होते हैं। सभी वर्गों को इनमें एकसमान रूप से सम्मिलित होना चाहिए। टीएमसी का प्रत्येक कार्यकर्ता इसी सोच को आत्मसात करते हुए दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण उत्सवों में सहभागिता निभाता है, जिससे समाज में एकता और सद्भाव का सूत्रपात होता है।”
इसी क्रम में मंत्री मलय घटक ने अपने उद्बोधन में कहा, “इस विजया सम्मेलन का आयोजन उत्तर ब्लॉक टीएमसी द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है। ममता बनर्जी के आदर्शों का पालन करते हुए टीएमसी का हर कार्यकर्ता बंगाल की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतिनिधित्व करता है और हर धर्म के पर्व-त्यौहार में समर्पित भाव से सम्मिलित होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में कुछ शक्तियाँ बंगाल की इस सांस्कृतिक एकता को खंडित करने के प्रयास में लगी हुई हैं। ऐसे तत्वों से सावधान रहने और अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने की आवश्यकता है।”
इस अवसर पर जिला महिला टीएमसी अध्यक्ष आशिमा चक्रवर्ती तथा अन्य वक्ताओं ने भी दुर्गा पूजा की महत्ता और समाज को एकजुट करने के इसके अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में उपस्थित सभी जनों ने एकजुट होकर समाज में समरसता और सौहार्द्र को बढ़ावा देने का संकल्प लिया, जिससे बंगाल की सांस्कृतिक विविधता और एकता को सशक्त किया जा सके।















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