
बराकर : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बराकर नदी में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बराकर आरपीएफ ने एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था। ज्ञातव्य है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु रेल, सड़क और निजी साधनों से बराकर नदी में पवित्र स्नान के लिए आते हैं, जिससे क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ती है।

इस संदर्भ में बराकर रेलवे स्टेशन पर एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आरपीएफ के प्रभारी एस. एन. मुर्मू के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन और आरपीएफ के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में स्टेशन मैनेजर मदन गोपाल केसरी, आरपीएफ के अधिकारी राजेंद्र कुमार सहित अन्य जवानों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान आरपीएफ के प्रभारी श्री मुर्मू ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु नदी में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं और इस दौरान विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि, “हमारा प्रमुख कर्तव्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस दिन की रात से ही आरपीएफ जवान विभिन्न चिन्हित स्थानों पर तैनात हो जाएंगे ताकि रेल पटरी पर श्रद्धालुओं का आवागमन रोका जा सके।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई यात्री ट्रेन पर चढ़ने या उतरने के लिए प्लेटफार्म पर पहुंचेगा, तो आरपीएफ के जवान उनके सामने खड़े रहेंगे और यात्रियों को चढ़ने और उतरने में सहायता प्रदान करेंगे। इसके साथ ही, असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्टेशन मैनेजर मदन गोपाल केसरी ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है और भीड़ नियंत्रण के लिए एक रणनीति बनाई जा रही है। साथ ही, श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए उपायों पर चर्चा की जा रही है।
कुल मिलाकर, प्रशासन और आरपीएफ द्वारा की गई यह बैठक सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर एक गंभीर पहल मानी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो और उनका पवित्र स्नान बिना किसी अड़चन के संपन्न हो सके।















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