

आसनसोल : गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज आसनसोल के इस्माइल क्षेत्र स्थित गुरु नानक स्कूल में एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग भी शामिल हुए, जो गुरु नानक देव जी के आशीर्वाद और शिक्षाओं से प्रेरित होकर इस कार्यक्रम में पहुंचे। सिख संगत द्वारा यहां विविध धार्मिक अनुष्ठान किए गए, और इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने लंगर का प्रसाद चखा और धार्मिक आयोजनों में भाग लिया।

आसनसोल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह भरारा ने इस अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर हर वर्ष की भांति इस बार भी इस्माइल स्थित गुरु नानक स्कूल में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में केवल सिख समाज के लोग ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के अनुयायी एकत्रित हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में न केवल शुद्ध भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की गई, बल्कि गुरु नानक देव जी की वाणी के महत्व को सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच साझा किया गया।
अमरजीत सिंह भरारा ने आगे कहा, “गुरु नानक देव जी की वाणी और उपदेश सिर्फ सिख समाज के लिए नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए प्रासंगिक हैं। हम सभी को उनके आशीर्वाद से जीवन में सद्गति प्राप्त करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस शुभ अवसर पर हम सभी की प्रार्थना है कि हर कोई स्वस्थ रहे और गुरु नानक देव जी की कृपा हम सभी पर बनी रहे।”

इस कार्यक्रम में आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी भी पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु नानक देव जी के समक्ष माथा टेका। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “गुरु नानक देव जी की जयंती, जिसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है, का आयोजन हर साल धूमधाम से किया जाता है। इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं।”
गुरदास चटर्जी ने आसनसोल नगर निगम की ओर से इस धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा, “नगर निगम ने इस आयोजन को सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। जिस अनुशासन और श्रद्धा के साथ यह आयोजन संपन्न हो रहा है, उसके लिए मैं सिख समाज के प्रतिनिधियों की सराहना करता हूं।”
कार्यक्रम में लंगर का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गुरु के आशीर्वाद का अनुभव किया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में एक माहौल था, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट होकर गुरु नानक देव जी के उपदेशों को आत्मसात करने के लिए एकत्रित हुए।















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