
आसनसोल : महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, पूर्व रेलवे ने 1 नवंबर से 12 नवंबर 2024 तक “महिला सुरक्षा” अभियान का आयोजन किया। इस विशेष पहल का उद्देश्य महिला यात्रियों के लिए आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश और स्थान पर कब्जा करने की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 162 के तहत इस अवधि में सख्त कार्रवाई की गई, ताकि महिलाओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।धारा 162: रेलवे अधिनियम, 1989 का परिचय धारा 162 के अंतर्गत महिला यात्रियों के लिए आरक्षित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश या कब्जा दंडनीय अपराध है। इसमें शामिल प्रावधान हैं: अनधिकृत प्रवेश पर दंड:महिला डिब्बों में प्रवेश करने या वहां रुकने वाले पुरुष यात्रियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, रेलवे कर्मचारी उन्हें उस क्षेत्र से बाहर निकाल सकते हैं, और उनकी टिकट या पास को जब्त किया जा सकता है।

आरक्षित स्थान पर कब्जा: यदि कोई पुरुष यात्री महिलाओं के लिए आरक्षित सीट या शयनयान पर कब्जा करता है और रेलवे कर्मचारी के अनुरोध के बावजूद उसे खाली करने से इंकार करता है, तो उस पर भी उपरोक्त दंड लागू होंगे। विभिन्न मंडलों में कार्रवाई का विवरण आरपीएफ ने पूर्व रेलवे के विभिन्न मंडलों में इस अभियान के दौरान उल्लेखनीय प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। कार्रवाई का विवरण निम्नानुसार है:हावड़ा मंडल (एचडब्ल्यूएच): पंजीकृत मामले: 127, गिरफ्तारियां: 127,जुर्माना राशि: ₹4,550, सियालदह मंडल (एसडीएएच): पंजीकृत मामले: 194, गिरफ्तारियां: 194, जुर्माना राशि: ₹24,400, मालदा मंडल (एमएलडीटी): पंजीकृत मामले: 26, गिरफ्तारियां: 33, जुर्माना राशि: ₹800, आसनसोल मंडल (एएसएन): पंजीकृत मामले: 131, गिरफ्तारियां: 159, जुर्माना राशि: ₹28,800. कुल निष्कर्ष: कुल मामले: 478, कुल गिरफ्तारियां: 513, कुल जुर्माना राशि: ₹58,500. पूर्व रेलवे ने यह स्पष्ट कर दिया है

महिला यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आरक्षित स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा धारा 162 का सख्ती से अनुपालन किया जा रहा है। यह अभियान महिला यात्रियों को सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।















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