
आसनसोल : अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आसनसोल नगर निगम ने रानीगंज और जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित विभिन्न कारखानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भारी जुर्माना लगाया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जुर्माना समय पर जमा नहीं किया गया, तो अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में निगम ने संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर दिया है।
विशेष समीक्षा में अवैध निर्माण का खुलासा
नगर निगम की एक विशेष टीम ने इंजीनियरों के साथ मिलकर सभी 106 वार्डों में एक गहन समीक्षा की। इस दौरान यह पाया गया कि रानीगंज और जामुड़िया के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए गए हैं। इसके अलावा आसनसोल शहर और धधका क्षेत्र में भी ऐसे निर्माण की शिकायतें दर्ज हुई थीं।

511 करोड़ का जुर्माना
नगर निगम ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कारखानों और प्रतिष्ठानों पर कुल 511 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। नोटिस में कहा गया है कि जुर्माना भरने के बाद ही अवैध निर्माण को वैधता प्रदान करने के लिए आवश्यक अनुमोदन लिया जा सकता है। अन्यथा निगम की ओर से ऐसे निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
मेयर का स्पष्ट रुख
मेयर बिधान उपाध्याय ने कारखाना मालिकों द्वारा लचीला रुख अपनाने की अपील को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम अवैध निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो प्राथमिकता के आधार पर अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कारखाना मालिकों में हड़कंप
इस सख्त रुख के चलते रानीगंज और जामुड़िया के कारखाना मालिकों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने मेयर से मुलाकात कर निर्णय पर पुनर्विचार की अपील की, लेकिन मेयर ने स्पष्ट कर दिया कि नगर निगम की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।

भविष्य की योजना
नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए शहरी क्षेत्रों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। जुर्माना नहीं भरने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके।
नगर निगम की इस पहल को स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सराहा है। अवैध निर्माण को रोकने के लिए निगम की सक्रियता को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।















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