

आसनसोल : झारखंड स्थित जसीडीह और शंकरपुर के बीच एक हृदयविदारक घटना में, जसीडीह-आसनसोल मेमू पैसेंजर ट्रेन (संख्या 03676) सोमवार को कुर्माबाद रोहिणी स्टेशन से प्रस्थान के उपरांत एक ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना के कारण झाझा से आसनसोल की ओर जाने वाली मुख्य रेललाइन (डाउन ट्रैक) पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया।
घटना के विवरण
घटना तब हुई जब जसीडीह-आसनसोल मेमू ट्रेन यात्रियों को लेकर अपनी नियमित गति से आसनसोल की ओर अग्रसर थी। अचानक, रेलवे ट्रैक पर एक ट्रक आ गया, जिससे तेज़ गति में चल रही ट्रेन ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन के अंदर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्री भय और चीख-पुकार के बीच सुरक्षित स्थान की तलाश में जुट गए।

रेल प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल रेलवे मंडल के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हुए। आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम चेतना नंद सिंह ने बताया कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया और डाउन लाइन को शीघ्र चालू करने का आश्वासन दिया। डीआरएम ने कहा, “एक घंटे के भीतर एक ट्रैक को बहाल कर दिया जाएगा, जबकि दूसरी लाइन को थोड़ी देर बाद चालू कर दिया जाएगा।”
यात्रा प्रभावित, यात्री परेशान
दुर्घटना के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है। कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रभावित ट्रैक पर यातायात पुनः चालू होने तक अन्य विकल्पों की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
दुर्घटनास्थल पर स्थानीय निवासियों की भीड़ जमा हो गई, जो सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर दिखे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना अचानक हुई और ट्रेन चालक के पास टक्कर से बचने का समय नहीं था। स्थानीय लोगों ने रेलवे से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों को कड़ा करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

रेलवे का बचाव और पुनर्निर्माण कार्य
रेलवे प्रशासन ने दुर्घटनास्थल पर बचाव और पुनर्निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया है। ट्रक को ट्रैक से हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम जारी है। रेलवे ने दुर्घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि ट्रक कैसे रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और इस घटना के पीछे किसकी लापरवाही जिम्मेदार है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
यह दुर्घटना रेलवे और सड़क परिवहन के बीच समन्वय और सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। स्थानीय लोग इस क्षेत्र में फाटक रहित क्रॉसिंग की समस्या को लेकर लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं। रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
इस अप्रत्याशित घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि रेलवे इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाता है।















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