

अंडाल : पांडवेश्वर थाना अंतर्गत केंदरा पंचायत क्षेत्र में खनिक महिला बुलबुल देवी की नृशंस हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अशोक पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस हत्याकांड का कारण संपत्ति और नामिनी विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने तकनीकी जांच और सतर्क निगरानी के बाद घटना के लगभग दो माह बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
घटना का विवरण
घटना 15 सितंबर की है, जब डालुर बांध स्थित 8 नंबर खनिक आवास क्षेत्र से 44 वर्षीय खनिक महिला बुलबुल देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। मृतका की बेटी सुमन कुमारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अशोक पासवान और उसके पुत्र रोहित पासवान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहित पासवान को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। घटना स्थल से खून से सना धारदार चाकू और खून से लथपथ रुमाल बरामद हुआ, परंतु महिला का मोबाइल फोन नहीं मिला।

पुलिस की तफ्तीश और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पांडवेश्वर थाने के इंस्पेक्टर राहुल देव मंडल ने इस केस को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने सेकंड ऑफिसर संजय घोष और केस के आईओ एसआई अमल साहा के नेतृत्व में लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया। पुलिस को जानकारी मिली कि अशोक पासवान पांडवेश्वर रेलवे स्टेशन के आसपास छिपा हुआ है। 15 नवंबर को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्याकांड का खुलासा
16 नवंबर को आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। आरोपी ने पूरे घटनाक्रम को पुलिस के सामने पुनर्निर्मित किया और स्वीकार किया कि संपत्ति और नामिनी को लेकर विवाद के चलते उसने अपने बेटे के साथ मिलकर इस घृणित हत्या को अंजाम दिया।

पुलिस का बयान
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (ईस्ट) आईपीएस अभिषेक गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हत्या के पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। इस अवसर पर एसीपी अंडाल पिंटू साहा, सीआईबी प्रमुख पिंटू मुखर्जी, पांडवेश्वर थाना प्रभारी राहुल देव मंडल, सेकंड ऑफिसर संजय घोष और आईओ अमल साहा भी उपस्थित थे। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार, खून से सना रुमाल और चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद कर प्रेस के समक्ष प्रस्तुत किया।
हत्या का कारण और आगे की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक पासवान ने बुलबुल देवी से उसकी संपत्ति का नामिनी अपने बेटे के नाम करने का दबाव डाला। इनकार करने पर उसने अपने बेटे रोहित पासवान के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी भी पूछताछ जारी है और नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
यह घटना रिश्तों में लालच और स्वार्थ की भयावहता का प्रमाण है, जिससे समाज को सबक लेने की आवश्यकता है।















Users Today : 28
Users Yesterday : 23