
आसनसोल : बिहार के जमुई जिले में इथेनॉल विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए अंकुर बायोकैम प्राइवेट लिमिटेड और बिहार सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस परियोजना पर 1860 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
राज्य के उद्योग विभाग की सचिव वंदना प्रियसी और अंकुर बायोकैम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र शर्मा के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। संयंत्र निर्माण का कार्य वर्ष 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही लगभग 2500 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के आर्थिक विकास और बेरोजगारी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस एमओयू के तहत, बिहार सरकार अंकुर बायोकैम को आवश्यक अनुमतियां, पंजीकरण और स्वीकृतियां प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी। हालांकि, यह समझौता किसी भी पक्ष पर कानूनी बाध्यता लागू नहीं करता है और केवल निवेशक के इरादों और सरकार द्वारा संभावित सुविधाओं का विवरण प्रदान करता है। एमओयू की वैधता अधिकतम 12 महीने तक होगी।

अंकुर बायोकैम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास में योगदान देगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल अन्य निवेशकों को भी प्रेरित करेगी और प्रदेश में उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस इथेनॉल संयंत्र की स्थापना से न केवल क्षेत्रीय विकास होगा, बल्कि बिहार को हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।















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