

आसनसोल : आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने दामोदर नदी में चल रही कथित अवैध गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रानीगंज के मेजिया श्मशान घाट के निकट दामोदर नदी के प्रवाह को बाधित कर बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है, जिससे नदी का स्वरूप तालाब जैसा हो गया है। यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न कर रही है, बल्कि धार्मिक और सामाजिक परंपराओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
विधायक ने कहा कि बहती हुई नदी में दाह संस्कार करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। लेकिन नदी के प्रवाह को बाधित कर दिए जाने से यह परंपरा बाधित हो रही है। उन्होंने इसे नदियों की प्राकृतिक संरचना के खिलाफ बताते हुए इसे पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बालू खनन से जुड़े सिंडिकेट पूरे शिल्पांचल क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि दामोदर नदी के बीच बड़ी पोकलेन मशीनों का उपयोग कर अवैध बालू खनन किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से कानून की अवहेलना है।
अग्निमित्रा पाल ने प्रशासन और राज्य सरकार से इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करना और अवैध खनन जैसी गतिविधियां पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की आजीविका को भी प्रभावित कर रही हैं।

उन्होंने आगाह किया कि यदि इस स्थिति को शीघ्र नहीं सुधारा गया तो यह एक बड़ी पर्यावरणीय त्रासदी का कारण बनेगी। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों के बीच असंतोष और आक्रोश भी गहराता जाएगा।
विधायक ने इस मामले में राज्य सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करना अनिवार्य है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण, बल्कि नदियों की रक्षा और स्थानीय समुदायों के हित के लिए भी आवश्यक है।















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