रेलवे भूमि पर बनी दुकानों को हटाने के प्रयास में आरपीएफ और पुलिस को झेलनी पड़ी असफलता

Facebook
Twitter
WhatsApp

ghanty

पुरुलिया : दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में आद्रा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे भूमि पर अवस्थित दुकानों को हटाने के दौरान भारी विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राज्य पुलिस को अभियान स्थगित कर वापस लौटना पड़ा। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारी, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता, और स्थानीय नेताओं ने बुलडोजर को रोकते हुए व्यापक प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया l

IMG 20250112 WA0108

रेलवे प्राधिकरण ने आद्रा स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेशन के आसपास की अवैध दुकानों को हटाने का निर्णय लिया था। इसके तहत 4 जनवरी को रेलवे द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें दुकानदारों को सात दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने पर रेलवे ने अतिक्रमण हटाओ अभियान आरंभ किया। हालांकि, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों ने इसका तीव्र विरोध किया l

IMG 20240910 WA0035

सुबह से ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकालना प्रारंभ कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के आद्रा शहर अध्यक्ष राजा चौबे, तृणमूल श्रमिक संगठन के रघुनाथपुर ब्लॉक-1 के अध्यक्ष तुफान रॉय, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे से स्पष्ट रूप से मांग की कि दुकानदारों का पुनर्वास किए बिना उनकी दुकानों को खाली नहीं कराया जाए।

इस बीच, जब विरोध समाप्त हुआ, तो रेलवे पुलिस ने बुलडोजर के साथ स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पुनः विरोध करते हुए काम रोक दिया। श्रमिक नेता तुफान रॉय ने कहा कि ये दुकानें कई वर्षों से इन दुकानदारों की आजीविका का साधन रही हैं। यदि इन्हें हटा दिया जाता है तो ये लोग कहां जाएंगे? उन्होंने पुनर्वास की मांग करते हुए कहा कि बिना पुनर्वास के कोई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं होगी।

IMG 20240918 WA0025

तृणमूल कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राजा चौबे ने रेलवे अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुनर्वास की मांग पूरी नहीं की गई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

रेलवे के इस अभियान से स्थानीय व्यापारियों में गहरी असुरक्षा उत्पन्न हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान न निकलने से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे और राज्य सरकार इस विवाद का समाधान कैसे निकालते हैं।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 1 6
Users Today : 36
Users Yesterday : 23