
पुरुलिया : दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में आद्रा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे भूमि पर अवस्थित दुकानों को हटाने के दौरान भारी विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राज्य पुलिस को अभियान स्थगित कर वापस लौटना पड़ा। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारी, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता, और स्थानीय नेताओं ने बुलडोजर को रोकते हुए व्यापक प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया l

रेलवे प्राधिकरण ने आद्रा स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेशन के आसपास की अवैध दुकानों को हटाने का निर्णय लिया था। इसके तहत 4 जनवरी को रेलवे द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें दुकानदारों को सात दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने पर रेलवे ने अतिक्रमण हटाओ अभियान आरंभ किया। हालांकि, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों ने इसका तीव्र विरोध किया l

सुबह से ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकालना प्रारंभ कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के आद्रा शहर अध्यक्ष राजा चौबे, तृणमूल श्रमिक संगठन के रघुनाथपुर ब्लॉक-1 के अध्यक्ष तुफान रॉय, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे से स्पष्ट रूप से मांग की कि दुकानदारों का पुनर्वास किए बिना उनकी दुकानों को खाली नहीं कराया जाए।
इस बीच, जब विरोध समाप्त हुआ, तो रेलवे पुलिस ने बुलडोजर के साथ स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पुनः विरोध करते हुए काम रोक दिया। श्रमिक नेता तुफान रॉय ने कहा कि ये दुकानें कई वर्षों से इन दुकानदारों की आजीविका का साधन रही हैं। यदि इन्हें हटा दिया जाता है तो ये लोग कहां जाएंगे? उन्होंने पुनर्वास की मांग करते हुए कहा कि बिना पुनर्वास के कोई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं होगी।

तृणमूल कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राजा चौबे ने रेलवे अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुनर्वास की मांग पूरी नहीं की गई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
रेलवे के इस अभियान से स्थानीय व्यापारियों में गहरी असुरक्षा उत्पन्न हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान न निकलने से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे और राज्य सरकार इस विवाद का समाधान कैसे निकालते हैं।















Users Today : 36
Users Yesterday : 23