
विधायक ने विद्यालयों का निरीक्षण कर समाधान का दिया आश्वासन
जामुड़िया : विद्युत विभाग की इकाई पीडीसीएल द्वारा कोयला ब्लॉक के विस्तारीकरण की योजना के अंतर्गत चुरुलिया क्षेत्र के चार विद्यालयों, एक डाकघर तथा अन्य सरकारी भवनों को स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए जाने के पश्चात पूरे क्षेत्र के अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

चुरुलिया क्षेत्र में स्थित तीन उच्च माध्यमिक विद्यालय, चार प्राथमिक विद्यालय, चुरुलिया हाट एवं मुचीपाड़ा समेत कई महत्वपूर्ण स्थल इस विस्थापन की जद में आ गए हैं। क्षेत्रवासियों की चिंता एवं विरोध को ध्यान में रखते हुए जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह ने शुक्रवार को ग्रामवासियों एवं पीडीसीएल के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की तथा मधुडांगा क्षेत्र में विद्यालयों का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के पश्चात विधायक हरेराम सिंह ने स्पष्ट किया कि पीडीसीएल अपनी कोयला खदानों के विस्तार हेतु यह योजना बना रही है, जिसके तहत सार्वजनिक उपयोग की कई महत्वपूर्ण संस्थाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित को सर्वोपरि मानकर ही कोई अंतिम निर्णय लेगी, और किसी भी परिस्थिति में शिक्षा तथा सामाजिक संस्थाओं के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
स्थानीय निवासियों ने इस निर्णय पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थाओं को हटाना बच्चों की शिक्षा, क्षेत्र की पहचान और सामाजिक ढांचे पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। साथ ही, यह क्षेत्र चुरुलिया कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम की जन्मस्थली के रूप में भी ऐतिहासिक महत्व रखता है।

इस संबंध में विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्रवासियों की सहमति एवं वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना कोई कार्रवाई न की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि चुरुलिया की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।
विधायक की पहल से क्षेत्रवासियों को कुछ राहत मिली है, परंतु अब भी सभी की निगाहें पीडीसीएल के अगले कदम और प्रशासनिक निर्णयों पर टिकी हुई हैं।














Users Today : 1
Users Yesterday : 46