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हिंदुस्तान केबल्स पुनर्वास समिति का तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

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उद्योग की भूमि पर उद्योग, रोजगार और बकाया भुगतान की मांग

सालानपुर :  सालानपुर प्रखंड स्थित वर्षों से बंद पड़े हिंदुस्तान केबल्स कारखाने को लेकर पुनः आंदोलन की आग तेज हो गई है। मंगलवार को हिंदुस्तान केबल्स पुनर्वास समिति के बैनर तले गेट के समक्ष तीन प्रमुख मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान समिति द्वारा एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं—उद्योग की जमीन पर फिर से औद्योगिक इकाई की स्थापना की जाए, बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, तथा बंद कारखाने के श्रमिकों और कर्मचारियों को बकाया वेतन और ठेका मजदूरों को पीएफ और पेंशन सहित सभी बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।

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हिंदुस्तान केबल्स पुनर्वास समिति के अध्यक्ष सुभाष महाजन ने इस अवसर पर कहा कि “हर चुनाव के पहले कोई न कोई केंद्रीय प्रतिनिधि मंडल इस बंद कारखाने का दौरा करता है, लेकिन कभी कोई ठोस घोषणा नहीं होती। हमें केवल आश्वासन ही मिलता है, जबकि असली समस्याओं—जैसे बेरोजगारी, पुनर्वास और बकाया भुगतान पर कोई चर्चा नहीं होती।” उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि स्थायी समाधान है।

उन्होंने कहा कि “हम केवल चाहते हैं कि इस जमीन पर फिर से उद्योग स्थापित हो ताकि यहां के सैकड़ों बेरोजगारों को काम मिले और इलाके में आर्थिक गतिविधियों का पुनर्जागरण हो।” सुभाष महाजन ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा भ्रम फैलाया जाता है, लेकिन चुनाव बीतते ही यह मुद्दा उपेक्षित कर दिया जाता है।

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इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, पूर्व कर्मचारी और ठेका मजदूर शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संदेश साफ था—अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदमों की दरकार है।

स्थानीय लोगों की मानें तो यदि सरकार जल्द कोई निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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