
आसनसोल : पश्चिम बंगाल में मई का महीना एक बार पुनः मौसमी संकट लेकर उपस्थित हो रहा है। गत वर्षों में इसी महीने ‘आयला’ तथा ‘अम्फान’ जैसे विनाशकारी चक्रवातों ने राज्य के तटीय एवं आंतरिक क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई थी। अब एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने राज्यवासियों के लिए चेतावनी जारी की है। विशेषकर दक्षिण बंगाल के कई जिलों में आगामी सप्ताह के मध्य से भारी वर्षा तथा तेज़ हवाओं की संभावना प्रकट की गई है। हालांकि यह निम्नदाब प्रणाली चक्रवात में रूपांतरित होगी या नहीं, इस विषय पर अब तक कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है।

आलिपुर मौसम केंद्र की चेतावनी
कोलकाता स्थित आलिपुर मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 27 मई को बंगाल की मध्य एवं उत्तरी खाड़ी में निम्नदाब का क्षेत्र विकसित हो सकता है, जो गुरुवार तक और अधिक सघन होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में अग्रसर हो सकता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति के अनुसार यह प्रणाली चक्रवात का रूप नहीं ले रही है, किंतु इसके कारण बंगाल में व्यापक वर्षा संभावित है।

इन जिलों में भारी वर्षा का अनुमान
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि निम्नदाब की यह स्थिति 28 मई से दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा को जन्म दे सकती है। पूर्व तथा पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिलों में विशेष रूप से मूसलधार वर्षा की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बीरभूम, मुर्शिदाबाद तथा उत्तर बंगाल के तीन से चार जिलों में तेज़ हवाओं के साथ भारी जलवृष्टि की आशंका प्रकट की गई है।
कोलकाता समेत समूचे राज्य में बदलेगा मौसम का मिजाज
आगामी शुक्रवार तथा शनिवार को कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के समस्त जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल बंगाल की खाड़ी के कारण नहीं, बल्कि अरब सागर में भी विकसित हो रही समानांतर मौसमी प्रणाली का परिणाम हो सकता है।

अरब सागर में भी मौसमी गतिविधियाँ
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर में भी एक निम्नदाब क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, जो धीरे-धीरे घनीभूत होकर एक सशक्त प्रणाली में परिवर्तित हो सकता है। इस प्रणाली का पश्चिमी तटों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना है, विशेषतः महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में।
बांग्लादेश मौसम विभाग की भविष्यवाणी
बांग्लादेश मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में दावा किया है कि 16-18 मई के मध्य बंगाल की खाड़ी में जो निम्नदाब बना था, वह 24-26 मई के बीच एक सशक्त चक्रवात ‘शक्ति’ का रूप ले सकता है। इस तूफान का प्रभाव ओडिशा के समुद्रतट से लेकर बांग्लादेश के चटगांव क्षेत्र तक पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि यदि यह चक्रवात बनता है, तो इसका नाम श्रीलंका द्वारा सुझाए गए ‘शक्ति’ नाम से पुकारा जाएगा। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग की ओर से ‘शक्ति’ के गठन पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने आम जनता विशेषकर तटीय इलाकों में निवास करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम की नवीनतम जानकारी पर निरंतर ध्यान बनाए रखें और आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक कदम उठाएं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है तथा प्रशासनिक तंत्र को संभावित आपदा से निपटने हेतु सतर्क कर दिया गया है।
पश्चिम बर्दवान में हलचल
हालांकि पश्चिम बर्दवान ज़िला प्रत्यक्ष तटवर्ती क्षेत्र नहीं है, फिर भी मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वहां भी तेज़ हवाओं और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। औद्योगिक शहर आसनसोल में भी बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने सभी आवश्यक विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है।














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