
बर्दवान : बर्दवान के गलसी स्थित बाबला गांव में एक निजी बैंक शाखा के मकान मालिक ने करीब एक साल का बकाया किराया न मिलने पर बैंक शाखा के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। मकान मालिक का कहना है कि कई बार किराया मांगने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने भुगतान नहीं किया, जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
शुक्रवार की सुबह जब बैंक के कर्मचारी और ग्राहक शाखा पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बैंक बंद है और दरवाजे पर ताला लगा हुआ है। ताले पर लिखा था, “जब तक बकाया किराया नहीं चुकाया जाता, बैंक बंद रहेगा,” साथ ही मकान मालिक जे. बसाक का नाम भी अंकित था। यह देख कर बैंक के आसपास लोग इकट्ठा हो गए।

मकान मालिक जे. बसाक ने बताया कि बैंक पर करीब 1.5 लाख रुपये का किराया बकाया है। उन्होंने कहा, “बार-बार अनुरोध के बाद भी बैंक ने किराया नहीं दिया, इसलिए मजबूर होकर मैंने शाखा बंद कर दी। उन्हें अपने पैसे पर एक दिन का भी ब्याज मिलता है, तो पैसे देने में क्या परेशानी हो सकती है?”
बैंक शाखा के मैनेजर और कर्मचारी कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे और मकान मालिक से बातचीत की। बाद में दोनों पक्षों के बीच समाधान की कोशिश के लिए गलसी थाने की पुलिस भी वहां पहुंच गई। थाने में दोनों के बीच वार्ता हुई ताकि समस्या का सामाधान निकाला जा सके।

यह घटना बैंक और मकान मालिक के बीच लंबित आर्थिक विवाद का उदाहरण है, जो ग्रामीण इलाकों में ऐसी समस्याओं को उजागर करती है। आमतौर पर बैंक और अन्य संस्थानों के मकान मालिक समय पर किराया न मिलने पर ऐसे कड़े कदम उठाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच असुविधा होती है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द समाधान की कोशिश कर रही है। बैंक शाखा के संचालन में हुई इस अस्थायी बाधा से क्षेत्र के निवासियों को परेशानी उठानी पड़ी।

इस विवाद से यह भी स्पष्ट होता है कि वित्तीय संस्थानों और मकान मालिकों के बीच बेहतर संवाद और समय पर भुगतान की व्यवस्था आवश्यक है ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके। बैंक प्रशासन ने भी मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है ताकि जल्द से जल्द शाखा पुनः खुले और ग्राहकों को सेवाएं मिल सकें।














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