
आसनसोल : आसनसोल – दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कुल्टी थाना अंतर्गत लच्छीपुर स्थित ‘दिशा’ लालबत्ती क्षेत्र में दलालों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यद्यपि समय-समय पर पुलिस छापेमारी कर रही है और कई आरोपियों को जेल भी भेजा गया है, फिर भी कुछ ही दिनों में वे जेल से छूटकर पुनः वही कृत्य दोहराने लगते हैं।
लच्छीपुर, चबका और मुजरापट्टी कुल्टी थाना क्षेत्र के तीन प्रमुख लालबत्ती इलाके हैं, जहां रात्रि 7 बजे के बाद पूरी रात रौशनी और चहल-पहल बनी रहती है। इन क्षेत्रों में झारखंड, बिहार सहित आसपास के जिलों से लोग रात्रिकालीन ‘मनोरंजन’ के उद्देश्य से पहुंचते हैं।

लच्छीपुर दिशा को राज्य का दूसरा सबसे बड़ा यौनपল্লी क्षेत्र माना जाता है, जो जी.टी. रोड पर स्थित है। इस क्षेत्र में एक समय में तत्कालीन आईपीएस अधिकारी सोमेन मित्रा ने यौनकर्मियों के जीवन में सुधार लाने हेतु शैक्षिक और चिकित्सकीय योजनाएं चलाईं। बच्चों की प्राथमिक शिक्षा के लिए विद्यालय तथा मेडिकल सुविधाओं की शुरुआत की गई, जिससे इस क्षेत्र को ‘दिशा’ नाम दिया गया।
तत्कालीन व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक शाम से लेकर रात्रि तक नियामतपुर फाड़ी के सिपाही यहां तैनात रहते थे। किंतु विगत कुछ महीनों से पुलिस बल की तैनाती हटाए जाने के बाद दलालों का मनोबल बढ़ गया है। यौनकर्मियों का कहना है कि अब न केवल उनके साथ अत्याचार हो रहा है, बल्कि आए दिन ग्राहकों के साथ भी लूट-पाट और मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं।

शुक्रवार की देर रात ऐसी ही एक घटना प्रकाश में आई जब आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के दो युवक ‘मनोरंजन’ के उद्देश्य से लच्छीपुर पहुंचे। दलालों के एक सिंडिकेट ने उन्हें बातों में फंसा कर एक कमरे में ले जाकर शराब पिलाई और देर रात उन्हें दो लाख रुपये का बिल थमा दिया। विरोध करने पर इन युवकों से मारपीट की गई और उनके मोबाइल, नगद लगभग 30 हजार रुपये तथा बाइक छीन ली गई।
सूत्रों के अनुसार, इस वारदात में राजा अंसारी, रोहित, बंगाली, मिथुन यादव, राहुल अंसारी, सोनू बाउरी, मुकेश ठाकुर, विक्रांत राउत सहित करीब एक दर्जन दुकानदार व उनके लोग शामिल थे, जिन्होंने मिलकर एक सिंडिकेट बना रखा है।
आरोपियों ने युवकों का मोबाइल छीन कर उनके घर पर फोन किया और बदनाम करने की कोशिश की। साथ ही मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिया। अगले दिन पीड़ितों ने अपने परिचितों के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोटरसाइकिल बरामद कर ली और छापेमारी अभियान शुरू किया।

वर्तमान में पुलिस ने तीन दुकानों को सील कर दिया है और नामजद युवकों की तलाश जारी है। यह घटना इस तथ्य को रेखांकित करती है कि अब केवल दूरदराज के ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी इस दलाली गिरोह के शिकार हो रहे हैं।
यौनकर्मियों ने पुनः पुलिस पिकेट तैनात करने की मांग की है और दलाली प्रथा पर रोक लगाने की अपील की है। उनका कहना है कि दलालों के कारण उनका जीवन भी संकट में आ गया है और लालबत्ती क्षेत्र अब अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, जहां जनसुरक्षा और सामाजिक सुधार, दोनों की जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।














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