Breaking News
आसनसोल में अमृत योजना की खामियां दूर होंगी, 15 अगस्त तक संशोधित प्रारूप, मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य दुर्गापुर की परित्यक्त ईंट भट्ठी में 48 लाख रुपये मिले, चोरी की जांच से खुला नकदी का रहस्य, पुलिस जुटी पड़ताल में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 122 किलो गांजा बरामद, मुख्य आपूर्तिकर्ता गिरफ्तार आसनसोल में निर्यात संवर्धन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर मंथन बाराबनी पंचायत समिति का कामकाज ठप, 13 सदस्यों के त्यागपत्र के बाद विकास योजनाओं पर लगा विराम राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और पेयजल योजनाओं पर दिल्ली में मंथन, मंत्री अजय पोद्दार की अहम बैठकों पर निगाहें

तीन महीने का 62 हजार बिजली बिल देख परिवार हैरान

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20250401 WA0024

बर्दवान :  शहर के शांतिपारा निवासी गीता अदक और उनका परिवार इन दिनों बेहद परेशान हैं। कारण है – उनके घर आए 62,291 रुपये का बिजली बिल, जो तीन महीने की खपत पर आधारित है। एस्बेस्टस की छत वाले इस छोटे से घर में गीता अपने पति, बेटे, बहू और पोते के साथ रहती हैं। परिवार का दावा है कि उनका बिजली उपयोग हमेशा सीमित रहता है, फिर भी उन्हें इतना बड़ा बिल कैसे भेजा गया, यह उनकी समझ से परे है।

गीता अदक का कहना है कि वे अब तक हर बार समय पर बिल जमा करती रही हैं। जनवरी में भी विभाग द्वारा भेजे गए बिल का भुगतान किया गया था। इसके बावजूद मार्च में जो बिल मिला, उसमें 6,456 यूनिट की खपत दिखाते हुए 62,291 रुपये की राशि दर्शाई गई। साथ ही बिजली विभाग की ओर से यह चेतावनी भी दी गई कि यदि 2 जून तक कम से कम आधा बिल जमा नहीं किया गया, तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।

IMG 20250511 WA0050

परिवार का यह भी कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बिल में खपत की इकाइयाँ असामान्य रूप से कम दिख रही थीं, और अब अचानक से इतनी अधिक यूनिट का बिल आना किसी तकनीकी त्रुटि या मीटर खराबी का संकेत हो सकता है।

वहीं बिजली विभाग की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक गौतम दत्ता ने कहा कि बिल नियमों के अनुसार भेजा गया है। उन्होंने बताया कि गीता अदक को बीते एक वर्ष में तिमाही आधार पर लगभग 1100 से 1150 यूनिट का बिल मिलता रहा है, लेकिन हाल के तीन बिलों में यह संख्या केवल 200 यूनिट के आसपास रह गई थी, जो विभाग को संदेहास्पद लगा।

IMG 20240918 WA0025

इसी आधार पर एसएनएलटी यूनिट की एक टीम को घर भेजा गया। निरीक्षण में यह पाया गया कि मीटर में संचय इकाइयों (क्लस्टर यूनिट्स) का संकेत मिला, जिससे संदेह होता है कि पिछले कुछ समय से मीटर में यूनिट्स का सही से रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा था, और अब सारी बची इकाइयाँ एक साथ जुड़ गईं।

बिजली विभाग का यह भी कहना है कि यदि परिवार चाहें तो किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा सकती है ताकि अचानक आई बड़ी राशि का बोझ कम हो सके।

फिर भी, गीता अदक का कहना है कि इतनी बड़ी राशि की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बिजली विभाग से मांग की है कि मीटर को फिर से जाँचा जाए और अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो उसका समुचित समाधान निकाला जाए।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

इस पूरी घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार मीटर रीडिंग की त्रुटि से आम नागरिकों पर वित्तीय बोझ डाला जाएगा, तो यह बेहद अनुचित होगा।

अब सभी की निगाहें बिजली विभाग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या यह एक तकनीकी गलती थी या उपभोग का वास्तविक आंकड़ा। जब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आता, गीता अदक और उनका परिवार तनाव में दिन काट रहा है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 8 2 2
Users Today : 43
Users Yesterday : 14