
आसनसोल : जी.टी. रोड स्थित नर्सरी क्षेत्र में बुधवार को सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले हॉकरों का आक्रोश फूट पड़ा। सेंट जोसेफ स्कूल के सामने स्थित नर्सरी के गेट पर हॉकरों ने ताला जड़ दिया और नगर निगम के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व श्रमिक परिवहन नेता राजू अहलूवालिया ने किया।

राजू अहलूवालिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा जारी दुकान आवंटन सूची में 40 हॉकरों के नाम शामिल थे, लेकिन उनमें से केवल एक व्यक्ति को ही दुकान आवंटित की गई, जबकि बाकी 39 नामों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने इसे खुला अन्याय और भेदभाव करार देते हुए कहा, “हम भेदभाव नहीं सहेंगे, यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी पात्र हॉकरों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता।”

डिप्टी मेयर पर लगे आरोप
राजू अहलूवालिया ने सीधे तौर पर डिप्टी मेयर वसीम उल हक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के कारण केवल एक चयनित व्यक्ति को दुकान आवंटित की गई, जबकि शेष लोगों को जानबूझकर वंचित किया गया। उनका आरोप है कि दुकानों के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और यह प्रक्रिया राजनीतिक दबाव में की गई।
हॉकरों की चेतावनी
हॉकरों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन की ओर कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि पूरी दुकान आवंटन सूची को सार्वजनिक किया जाए और सभी पात्र हॉकरों को तत्काल दुकानें प्रदान की जाएं।

प्रशासन की चुप्पी बनी चिंता का विषय
इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे हॉकरों के भीतर असंतोष और अधिक बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का भी कहना है कि दुकान आवंटन प्रक्रिया में अनेक अनियमितताएं देखी गई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यह आंदोलन अब न केवल हॉकरों के हक़ की लड़ाई बन चुका है, बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।














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