
दुर्गापुर : पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर स्थित सिटी सेंटर बस स्टैंड में अवैध पार्किंग का सिलसिला दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यह पार्किंग आसनसोल दुर्गापुर विकास बोर्ड की जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रही है, जिससे सरकार को एक पैसे का भी राजस्व नहीं मिल रहा है।
सफेद और पीले रंग के छपे हुए कूपन के माध्यम से वाहन चालकों से 10 और 20 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन यह सारा पैसा सीधे चंद निजी लोगों की जेब में जा रहा है। यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अवैध पार्किंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं, तब भी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की निष्क्रियता क्यों बरकरार है?
विकास बोर्ड ने दी स्पष्ट चेतावनी
आसनसोल दुर्गापुर विकास बोर्ड के चेयरमैन कबी दत्ता ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सिटी सेंटर में बोर्ड का कोई वैध पार्किंग जोन संचालित नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड की अनुमति के बिना यह पार्किंग पूरी तरह अवैध है और इस पर शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुछ महीने पहले जब बोर्ड की पार्किंग लीज समाप्त हुई थी, तब भी इसी प्रकार कूपन छापकर अवैध पार्किंग की जा रही थी। उस समय खबर सामने आते ही बोर्ड ने हस्तक्षेप कर इसे फ्री पार्किंग जोन घोषित कर दिया था। लेकिन वर्तमान हालात बताते हैं कि पुरानी स्थिति फिर से लौट आई है।

अवैध कारोबार से जुड़ा है नाम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह अवैध पार्किंग “केबू” नामक एक व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही है। जांच में पता चला है कि केबू पहले भी बालू और लोहे के अवैध कारोबार में संलिप्त रहा है और हाल ही में उसे पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
भाजपा नेता चंद्रशेखर बनर्जी ने आरोप लगाया कि केबू तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में यह अवैध कारोबार कर रहा है। उनका कहना है कि तृणमूल स्वयं को पर्दे के पीछे रखकर केबू के माध्यम से सरकारी जमीन पर अवैध गतिविधियां संचालित कर रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिटी सेंटर जैसे व्यस्त और प्रमुख स्थान पर खुलेआम इस प्रकार का गैरकानूनी कार्य प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग और प्रशासन तुरंत सख्त कदम उठाएं, ताकि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग न हो और आम जनता को राहत मिल सके।














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