
आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांडवेश्वर से विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने भारतीय सेना के “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर कटाक्ष करते हुए उसे “नाटक” और “युद्ध-युद्ध का खेल” बताया। उनका यह बयान पश्चिम बर्दवान जिले में एक ब्लॉक स्तरीय कार्यकर्ता सभा के दौरान दिया गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भाजपा नेता और आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने इस बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसे सेना का अपमान बताया है।
क्या कहा चक्रवर्ती ने
नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती हाल ही में दुर्गापुर ब्लॉक में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की एक कार्यकर्ता सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से एक नाटक है। 27 लोगों को मार दिया गया और कहा गया कि यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई थी। यह पाकिस्तान के साथ मिलकर एक साजिश है।” उन्होंने यह भी कहा कि “सिंदूर बंगालियों के खून में होता है, यह माताओं के सिँथी में शोभा देता है। जो लोग ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर हिंदू वोटों की राजनीति कर रहे हैं, उन्हें कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।”

भाजपा का तीखा पलटवार
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस में रहकर ही इस तरह की देश विरोधी बातें की जा सकती हैं। नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती जैसे लोग अर्धशिक्षित हैं, जिन्हें यह भी नहीं पता कि कहां क्या बोलना है।” तिवारी ने यह भी कहा कि “अगर पाकिस्तान से इतना प्रेम है, तो वह वहीं चले जाएं। भारतीय सेना का अपमान करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।”
राजनीति में बढ़ा तनाव
इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से गर्मी ला दी है। जहां तृणमूल कांग्रेस 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है, वहीं भाजपा इस बयान को हथियार बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया पर भी गर्मी
नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के इस बयान का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। आम जनता से लेकर सेना के समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता इसे भारतीय सेना का अपमान बता रहे हैं।

अभी तक नहीं दर्ज हुई कोई शिकायत
हालांकि इस बयान को लेकर अब तक चक्रवर्ती के खिलाफ कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। लेकिन भाजपा नेताओं ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस को इस तरह के बयानों से नुकसान हो सकता है, खासकर तब, जब मामला देश की सुरक्षा और सेना से जुड़ा हो। ऐसे समय में जब सेना के अभियान को देशभर में सराहा जा रहा है, चक्रवर्ती की टिप्पणी उनकी पार्टी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकती है।














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